मैग्नीशियम की कमी दूर कर अधिकांश रोगों को भगाए

मांसपेशियों व जोड़ों के दर्द का कारण : मैग्नीशियम की कमी

अच्छे स्वास्थ्य के लिए मैग्नीशियम बहुत आवश्यक खनिज तत्व है। सम्पूरक के रुप  में मैग्नीशियम लिया जाना जरूरी है l यह चौथा सबसे प्रचुर मात्रा में खनिज शरीर में पाया जाता  है मैग्नीशियम ह्यूमन सेल का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो बॉडी में 300 से भी ज्यादा एंजाइम्स को रेगुलेट कर हमें हेल्दी बनाता है। साथ ही सल्फेट ब्रेन टिशू बनाने में रोल निभाता है और बॉडी में न्यूट्रिएंट्स के एब्जॉर्प्शन को तेज करता है। ये बॉडी से हानिकारक तत्वों को भी निकालता है। डॉ  नार्मन शेअली जो की दर्द प्रबंधन के विशेषज्ञ है ने लिखा है कि  वृधावस्था सम्बन्धित सभी रोगों की जड़ में मैग्नीशियम की कमी होना हैl

शरीर में कैल्शियम और विटामिन सी का संचालन, स्नायुओं और मांसपेशियों की उपयुक्त कार्यशीलता और एन्जाइमों को सक्रिय बनाने के लिये मैग्नेशियम आवश्यक है। कैल्शियम-मैग्नेशियम सन्तुलन में गड़बड़ी आने से स्नायु-तंत्र दुर्बल हो जाता है। मांसपेशियों में खिंचाव,एंठन, शुन्यता, झनझनाहट का कारण मैग्नीशियम की कमी हैl रक्त नलिकाओं एवं स्न्नायुओं में जकड़न, दर्द  एवं असुविधा का कारण भी इसकी कमी हैl मैग्नेशियम के निम्न स्तरों और उच्च रक्तचाप में स्पष्ट अंतर्संबंध स्थापित हो चुका है। निम्न मैग्नेशियम स्तर से मधुमेह भी हो सकता है। यूरोलोजी जर्नल की एक रिर्पोट के अनुसार मैग्नेशियम और विटामिन बी६ गुर्दे और पित्ताशय की पथरी के खतरे को कम करने में प्रभावी थे। कठोर दैहिक व्यायाम शरीर के मैग्नेशियम की सुरक्षित निधि को क्षय कर देते है और संकुचन को कमजोर कर देते हैl थकान भी इसकी कमी से होती हैlव्यायाम एवं शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों को मैग्नेशियम सम्पूरकों की आवश्यकता है।

शरीर में मैग्नीशियम के घटते स्तर के कारण तेज़ सिर दर्द होने के आसार रहते हैं लगातार इस तरह की कमी बनी रहने से माइग्रेन का दर्द होता हैl यह विशेषकर महिलाओं में देखा जाता है. यही नहीं महिलाओं में पीरियड के दौरान भी इस तरह का दर्द देखा जाता है. पीरियड के दौरान यदि मैग्नीशियम से भरपूर डाइट ली जाए तो दर्द दूर हो जाता हैl

ज्यादातर सभी खाद्य पदार्थों में मैग्नीशियम आसानी से उपलब्ध  होता हैl साबुत अनाज, फल,हरी पत्तेदार सब्जियां,नट्स,फलियां सेम जैसे शाकाहारी स्रोतों में  खूब होता  हैं l मटर, नट और बीज, टोफू, सोयाबीन का आटा, बादाम, काजू, केला ,कद्दू, अखरोट और पूरे अपरिष्कृत अनाज भी मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।

मैग्नीशियम एक खनिज लवण है जिसे  भोजन नली पचा नहीं पाती हैl लेकिन त्वचा द्वारा इसका अवशोषण अच्छा हो जाता हैlमैग्नीशियम को लेने का सबसे सरल तरीका १०० gm  मेग्नीसियम  क्लोराइड को ५०० मिलीलीटर पानी में घोल ले l  इसे कांच की बोतल में भर लेl मैग्नीशियम क्लोराइड किसी भी लेब  के केमिकल  बेचने वाले की दुकान पर मिल जाएगा l इस घोल की मालिश भी त्वचा पर  २० मिनट तक करने से लाभ होता हैl  उक्त घोल का स्प्रे भी नहाने के बाद अपने शरीर पर मल सकते है l फिर खाने के आधे घंटे के बाद एक  चम्मच ले l इस तरह मैग्नीशियम की कमी पूरी कर हम स्वस्थ रह सकते हैंl

डॉ मार्क साइरस ने  अपनी पुस्तक ‘ट्रान्सडर्मल  मैग्नीशियम थेरेपी’ में लिखा है कि डॉक्टर्स का  ध्यान इस  पर है लेकिन वे रोगों के इलाज में रूचि रखते है, स्वस्थ रखना उनका पेशा नही हैl

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