समस्या अन्दर है, बाहर नहीं, सुलझाए भी अंदर से

हम सब अपनी आदतों, सोच व मूल्यों के कारण परेशान है। बिना परिक्षण अपनी आदतों, सोच व मूल्यों का सही मानते हैं । इसलिए दूसरों की गलतियां प्रतीत होती है । Egg-break by Inside forceLet-life-starts-from-within-you-inspirational-words-life-quotesजबकि पर की तरह वे भी अपनी आदतांे, सोच व मूल्यों की गुलाम है । इसके बाहर देख नहीं पाते हैं । इन्हे ही हम सही मानते हैं व इनके साथ एकमेक होकर इन्हे ही ’स्व’ मान लेते हैं । इन्ही केे आधार पर हम प्रतिक्रिया करते हैं । इन्ही के अनुसार जीते हैं । अर्थात दुःख, झंझट व निराशा के कारण बाहर नहीं हमारे भीतर है । पूर्व जन्म के कर्म, पाप व पर इसके लिए दोषी नहीं है । इसका निदान अपनी बुरी आदतों, प्रतिबद्ध सोच व मूल्यों को बदल कर ही संभव है । बंधन अन्दर है तो मुक्ति सही माने भी वहीं से प्राप्त करनी पड़ेगी ।
दूसरों की कही छोटी बातें, वैसे ही कही बातें अपने पूर्वाग्रहों के कारण बुरी लगती है व फिर इन्ही पर सोच-सोच कर दुःखी होते हैं ।

4 विचार “समस्या अन्दर है, बाहर नहीं, सुलझाए भी अंदर से&rdquo पर;

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