हास्य चिकित्सा :आमोद-प्रमोद में औषधि खूब भरी हुई है

अब तो वैज्ञानिक ढंग से यह प्रमाणित हो गया है कि मानव शरीर स्वयं ही दर्द निवारक एवं तनाव को कम करने वाले हारमोन्स पैदा करता है। हंसने से इण्डोरफिन नामक हारमोन सक्रिय होता है जो एक प्रभावशाली पेन किलर है।laughter therapy
लोर्ना लिण्डा स्कूल आॅफ पब्लिक हेल्थ, केलिफोर्निया ने हमारी प्रतिरोधक प्रणाली पर हास्य के प्रभाव को मापा। उन्होंने पाया कि हंसने की अवधि के बाद शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाओं, टी-कोशिकाओं और शरीर के स्वतन्त्र अंगों सहित सुरक्षा से सम्बंन्धित सभी हिस्सों में बढी हुई गतिशीलता के संकेत दिखाई दिये।
न्यू जर्सी के ओस्टियोपैथिक मेडिसिन स्कूल के डाॅक्टर मार्विन ई. हैरिंग का कहना है कि ’’एक दिल खोलकर अट्टाहास करना, मध्य पटल, वक्ष, पेट, हृदय, फैफडों और जिगर तक की मालिश कर देता है। जैसे कोई अन्दर ही दौड लिया हो।’’ मुम्बई के लाफ्टर क्लब के संस्थापक डाॅक्टर मदन कटारिया कहते हंै – ’’जोरदार हंसी आपके फैफडों से बची हुई वायु को निकाल देती है, और उसे ज्यादा आक्सीजन वाली ताजा वायु से भर देती है।’’ उन्मुक्त हंसी तनाव को समाप्त कर देती है। आधुनिक शोधों से यह भी प्रमाणित हुआ है कि शरीर में किसी भी प्रकार की सूजन हंसने से घटती है, एवं हंसने से रक्तचाप भी घटता है। एक शोध के अनुसार हँसने से शारीरिक व्यायाम भी हो जाता है। 20 सैकण्ड की हंसी 10 मिनट के नौकायान के बराबर है। एक शोध के अनुसार बच्चा दिन में 400 बार हंसता है जबकि बडे़ दिन में सिर्फ 17 बार हंसते है। हमें मुस्कराने हेतु 9 मांस पेशियाँ चाहिये जबकि गुस्सा व्यक्त करने हेतु 19 मांसपेशियाँ उपयोग में आती है।

जब हम हंसते हैं तो एक ध्यान पूर्ण अवस्था में होते है, ‘विचार प्रक्रिया रूक जाती है। हंसने के साथ-साथ विचार करना मुश्किल है। दो बाते’ विपरीत है-या तो तुम हंस सकते है या विचार ही कर सकते हो। यदि तुम वास्तव में हँसों तो विचार रूक जाएगा। यदि तुम हंसते हुए विचार कर रहे हो तो तुम्हारा विचार कमजोर होगा व हंसी अपंग होगी। हास्य लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने वाले चुम्बक की तरह है। लोग हमेशा ऐसे आदमी के आस पास रहना पसंन्द करते है जो हंसने-मुस्कराने और जीवन का आनन्द लेने में उनकी मदद करता है।
हँसी खुशी को आकर्षित करती है, नकारात्मकता को नष्ट करती है और चमत्कारिक इलाज की ओर ले जाती है। हमें अपने उपचार में हँसी को शामिल करना चाहिए जैसा कि डाॅ. नाॅर्मन क़जिन्स की कहानी से हमें ज्ञात होता है।
नाॅर्मन कुजिन्स को एक असाध्य बीमारी थी। डाॅक्टरों ने उसे बताया कि वह सिर्फ कुछ महीनों का मेहमान है। नाॅर्मन ने अपना इलाज ख़ुद करने का फैसला किया। तीन महीनों तक उसने सिर्फ़ फि़ल्में देखीं और वह हँसता रहा, हँसता रहा, हँसता रहा। उन तीन महीनों के भीतर बीमारी उसके शरीर से चली गई। डाॅक्टरों ने उसके उपचार को चमत्कार की संज्ञा दी। पेट में बल पड़े उतना दस मिनट तक हँसने पर दो घंटे का दर्द चला जाता है।

Related Posts:
हास्य चिकित्सा असाध्य रोगों में भी उपादेय

असाध्य रोगों का सामना कैसे करेंः उक्त पुस्तिका डाउनलोड करेंजीवन में संतोष कैसे प्राप्त करना ?

हँसकर दर्द को भगाए और रोग – प्रतिरोध शक्ति बढ़ाएं

सूर्य नमस्कार करें:वजन घटाए व दिन भर तरोताजा रहें

3 विचार “हास्य चिकित्सा :आमोद-प्रमोद में औषधि खूब भरी हुई है&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s