स्वार्थ, चालाकी व अहंम् की सफलता प्राप्ति में बड़ी भूमिका :अपना महत्व पहचाने

सफलता पाने के लिए स्वार्थी, बेईमान व अहंकारी होने की जरुरत है। परमार्थ को छोड़ों, पहले अपना स्वार्थ साधों। सक्षम बनो तभी दूसरों का भला कर सकते है। व्यक्ति को अपना ध्यान रखना पड़ता है। अपने को व्यवस्थित करना होता है। खुद के समय का प्रबन्धन करना होता है। अनावश्यक कर्मों से स्वयं को काटना पड़ता है। दूसरों की फालतू बातें छोड़नी पड़ती है। मूर्खों की टिप्पणियों से बचना पड़ता है। इस अर्थ में पहले स्वार्थी बनो तभी सफलता मिलती है। स्वप्रबन्धन एवं समय प्रबन्धन के लिए स्वार्थी होने की जरुरत है।

आज के जमाने में विनम्र बनने की जरुरत नहीं है। सब को अनावश्यक महत्व देने की जरुरत नहीं हैं। पहले अपने को महत्व दो। स्वयं की मानो, उसकी सुनो। तभी उन्नति कर सकते है। अन्यथा मीठी-मीठी बातों में उलझने की पूरी संभावना है। विनम्रता के नाम पर सबको सहने व सुनने की जरुरत नहीं है। हमारे चारों ओर अधिकांश लोग अक्षम, फालतू व बातुनी है, उनके विचार भी वैसे ही है। उसकी नकारात्मकता, ईष्र्या से भरे व क्षूद्र टिप्पणियाँ की अनदेखी अनसुनी करनी पड़ती है। विनम्र होने के लिए पहले कुछ होने की जरुरत है। कमजोर आदमी की विनम्रता भी कमजोरी गिनी जाती है। सक्षम व सफल व्यक्ति को विनम्र होने की जरुरत है।

आगे बढ़ने वाले दूसरों की परवाह नहीं करते है। वे अपने मतलब में होशियार होने चाहिए। अतः अपने मालिक स्वयं बनो। अपनी चाबी दूसरों को मत दो। कोई आपको छोटा महसूस कराए तो उसकी तरफ ध्यान मत दो। वह नादान है, मूर्ख है। ऐसे पागलों के विचारों को मत सुनो। जिन्होंने कुछ नहीं किया है वे सोचते है कि दूसरे भी कुछ नहीं कर सकते है। आपको तो अपना घोड़ा संभालना है। आप अपने कैरियर व जीवन को देखो। हर अर्थ में बहरे बनो।  परायों पर ध्यान मत दो।

अपना महत्व  पहचाने, स्वयं  की क्षमता  जानें

2 विचार “स्वार्थ, चालाकी व अहंम् की सफलता प्राप्ति में बड़ी भूमिका :अपना महत्व पहचाने&rdquo पर;

  1. Dear Sir,
    selfish and clever person never wines the race.Self Esteem is must so if we want to achieve our target we have to develop humanity in our heart . Life is a journey of animal man to human man and human man to Divine man . So we cannot achieve our goal through selfishness and cleverness
    For sustainable progress we need Human Values – It is a universal truth.Don’t forget it
    For fast and rapid growth –

    Be.Honest
    Be Human
    Be Helpful
    Be Humerus
    Be Truth full
    Be Effect full

    So, Dear sir Our Success Mantras are:-Be Positive , Think Positive Be Selfish with Divine Heart. Be cleaver with moral values Be Egoist with self esteem

    So we cant achieve success through selfishness and cleverness only

    Dr. Rakesh Dashora
    Holistic healer and JASH Therapist

    .

  2. मुझे इस बात पर खेद है कयोकि परिवार मे चालांकी से काम नही होता । मेरे पास एक असंभव लगने वाली घटना घटी हैँ। मै एक साधारण लङकी से पयार करता था । हमारे पयार मे सादगी विनमंता थी । कि हमे तोङने के लिये बङे

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