जब कठिन आसन व प्राणायाम न कर सको तो सूक्ष्म व्यायाम करें

जीवन में सूक्ष्म व्यायाम का बड़ा महत्व है। इसके सूक्ष्म नामकरण से इन्हें छोटा न समझें। सूक्ष्म व्यायाम करने में योग व प्राणायाम स्वतः ही हो जाते है। यह योग व प्राणायाम का राजा है। इनकी जीवन में बड़ी भूमिका है। वैसे योगासन व प्राणायाम के लिए पूर्व तैयारी में इनको करते है। सूक्ष्म व्यायाम पूरी तरह कर ले तो इनकी पूर्ति हो जाती है। लेकिन पूरी तरह शरीर के प्रत्येक अंग हेतु इसे कर लेे व अन्य योग न कर पाए तो चलेगा। तभी तो योगी लोग इनके करने पर अत्यधिक बल देते है। वृद्ध एवं रोगी भी सूक्ष्म व्यायाम कर सकता है।
इसे प्रतिदिन करना शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरुरी है। इनको करने पर इनके लाभ बड़े-बड़े है। ये शरीर के जोड़ों की जड़ता को तोड़ते है। जोड़ो को घुमाने से स्फूर्ति पैदा होती है। व जोड़ बेहतर तरीकेे काम करने लगते है। इस तरह के संचालन से अंग स्वस्थ होते है। अन्दरुनी अवयवों को सूक्ष्मता से संतुलित करते है, इसलिए इन्हें सूक्ष्म व्यायाम कहाँ जाता हैै। शरीर के सभी जोड़ों व घूमावों की जड़ता को तोड़ते है। जोड़ों में लोच बढ़ाते है। मांसपेशियों के खींचाव को कम कर उन्हें नरम करते है। सूक्ष्म व्यायाम से जोड़ो को बल मिलता है। शरीर में व्याप्त अकड़न-जकड़न कम होती है। तन में व्याप्त जड़ता मिटती है। शरीर हल्का होता है व जोश बढ़ता है।
गर्दन घुमाना, आँखें घुमाना, कंधे घुमाना ,हाथ घुमाना, कलाई घुमाना, मुट्ठियां बन्द करना व खोलना, कमर घुमाना, घुटने घुमाना, पंजे घुमाना व इन्हें ऊपर-नीचे करने को सूक्ष्म व्यायाम कहते है।
सामान्यतः फिजिओथिरापिस्ट अंग विशेष में आई विशेष कमजोरी दूर करने हेतु सूक्ष्म व्यायाम ही तो कराते है। आजकल स्त्रियों के जोड़ों, कमर व पीठ दर्द को ठीक करने में सूक्ष्म व्यायाम सहायक है।
सूक्ष्म व्यायाम कहीं भी किए जा सकते हैं इस हेतु किसी तैयारी, जगह या प्रशिक्षक की जरुरत नहीं है। ये सरल होेते है। सभी योगाचार्य इसे कराते है। स्वामी सत्यानन्दजी से लेकर रामदेव तक इन्हें अन्य कठिन योग न कर पाने की स्थिति में प्रतिदिन करने पर बल देते है। जब अन्य व्यायाम न कर सको तो सूक्ष्म व्यायाम जरुर करने चाहिए। वरन् कठोर व्यायाम करने के पहले सूक्ष्म व्यायाम करने चाहिए।
स्वामी योगानन्द ने कहाँ है कि सूक्ष्म व्यायाम सबसे बड़े सुप्रीम कोर्ट है। आयुर्वेंद एलोपैथी, न होम्योपैथी न योग सूक्ष्म व्यायाम सर्वश्रेष्ठ है।

Related Posts:

जवारे का रसः बीमारी में अमृत एवं प्राकृतिक प्रतिरोधक शक्ति जगाने हेतु

सफलता पाने हेतु एकाग्रता कैसे बढ़ाए?

अपने भीतर देखो, उसे संभालों सफलता निश्चित है

जीवन में सफल होने श्वास से प्राणऊर्जा कैसे बढ़ाएं?

ऊँचे लक्ष्य बनाइये – फिर उनसे भी ऊँचे हो जाइये

8 विचार “जब कठिन आसन व प्राणायाम न कर सको तो सूक्ष्म व्यायाम करें&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s