‘जब मैंने मौत को बहुत नजदीक से देखा, तब मुझे मौत भी लाभकारी थी’ – स्टीव जाॅब्स

20 की उम्र में स्टीव जाॅब्स ने अभिभावक के गैराज में एप्पल कंपनी की शुरुआत की।
30 की उम्र में अपनी ही कंपनी एप्पल से बेदखल जाॅब्स। 1997 में बतौर सलाहकार एप्पल में वापसी हुई।

 स्टीव जाॅब्स  की  तीसरी कहानी :

जब मैं 17 साल का था, मैंने एक उद्धरण पढ़ा था, जो कुछ इस तरह से था-अगर आप हर दिन को अपने आखिरी दिन की तरह जीते हैं, तो किसी दिन आप निश्चित रूप से सही साबित होंगे। इस बात ने मेरे ऊपर गहरा प्रभाव छोड़ा और तब ये यानी पिछले 33 साल से मैं रोज सुबह आईने में देखकर खुद से पूछता हूं कि अगर आज मेरा आखिरी दिन होता, तो क्या मैं यही करना चाहता, जो आज करने वाला हूं और जब काफी दिनों तक इस सवाल का जवाब ना में होता है, तो मैं समझ जाता हूं कि मुझे कुछ बदलने की जरुरत है।
करीब एक साल पहले मैंने कैंसर की जांच कराई। मैंने सुबह 7.30 बजे स्कैन कराया और इसमें मेरे अग्नाशय पर गांठ होने का साफ पता चल गया। मैं इससे पहले कभी जानता तक नहीं था कि अग्नाश्य क्या है? चिकित्सकों ने बताया कि मुझे निश्चित तौर पर एक तरीके का कैंसर है, जो लाइलाज है। मुझे यह मानकर चलना चाहिए कि मैं तीन से छह माह से ज्यादा जिंदा नहीं रहूंगा। मेरे चिकित्सक ने मुझे सलाह दी कि मैं घर जाऊं और अपने काम को एक क्रम में निपटाऊं, जो कि एक तरह से चिकित्सक का मरने के लिए तैयार हो जाने का एक कोड होता है। इसका मतलब कि कोशिश करके जो भी तुमने सोचा था, वो सब अपने बच्चों को बता दो, जो कि तुम अगले 10 सालों में बताने वाले थे। इसका मतलब कि यह सुनिश्चित करने का वक्त आ गया कि अब आगे कुछ भी नहीं है। इसका मतलब अलविदा कहने का वक्त आ गया है।
मैंने उस रोज कैंसर की जांच-प्रक्रिया (निदान) को पूरा जीया। देर शाम मेरी बायोप्सी हुई,जहां उन्होंने मेरे गले में नीचे पेट से होते हुए आंतो तक एक एंडोस्कोप डाला। अग्नाश्य में एक सुई चुभोई और कुछ कोशिकाएँ निकालीं। मैं बेहोश था, लेकिन मेरी पत्नी जो वहां मौजूद थी, उसने मुझे बताया कि चिकित्सकों ने मेरी कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप से देखा और जांचकर वे चिल्लाने लगे कि मुझे बहुत ही दुर्लभ किस्म का अग्नाश्य कैंसर है, जिसका सर्जरी से निदान सम्भव है। इसके बाद मेरी सर्जरी की गई और अब मैं स्वस्थ हूं।
यह हो वक्त था, जब मैंने मौत को सबसे नजदीक से देखा और उम्मीद करता हूं कि अगले कुछ दशकों में बस यही सबसे नजदीकी हो। उस दौर को जीकर अब मैं आपसे ये ज्यादा मजबूती से कह सकता हूं, मुझे मौत लाभकारी लगी। लेकिन मृत्यु पूरी तरह से आध्यात्मिक अवधारणा है। दुनिया मंे कोई भी आदमी मरना नहीं चाहता। यहां तक कि जो लोग दिल से स्वर्ग की ख्वाहिश पाले रखते हैं, वे भी मरना नहीं चाहते। ऐसी नाटकीय बातों के लिए क्षमा चाहता हूं, पर हकीकत तो यहीं ठहरती है।
आप के पास समय बहुत कम है, इसलिए इसे किसी और की जिंदगी जीने के लिए बर्बाद करो। सिद्धांतों के भवर में मत उलझो। किसी और के मत को अपनी आवाज पर हावी मत होने दो। सबसे अहम अपने दिल और अन्तज्र्ञान की सुनो और उसका अनुसरण करो।
जब मैं जवान था, द होल अर्थ केटलाॅग का अद्भुत प्रकाशन हुआ करता था, जो मेरी पीढ़ी के लोगों में बाइबिल की तरह था। यह मेरे साथी स्टीवर्ड ब्रांड द्वारा तैयार किया गया था। यह 60 के अंतिम दशक में पसर्नल कम्प्यूटर और डेस्कट्राॅप पब्लिशिंग से पहले मौजूद था। यह पूरा गं्रथ टाइपराइटर, कैंचियों और ध्रुवीय कैमरों से तैयार किया जाता था। यह गूगल के आने के 35 साल पहले पेपरबैक स्वरूप में गूगल का एक ही रूप था। यह आदर्शवादी, ज्ञान से भरपूर और विचारों से लबालब था। स्टीवर्ट और उसकी टीम ने इसके कई संस्करण निकाले और जब इसने अपना उद्देश्य लगभग पूरा कर दिया, तब उन्होंने आखिरी संस्करण निकाला। यह 70 के दशक के मध्य की बात है। आखिरी संस्करण के पिछले कवर पर उन्होंने एक देश की किसी सड़क पर सुबह के दृश्य का चित्र लगाया था। इसके नीचे लिखा गया था-स्टे हंग्री, बी फूलिश (भूख रखिए,नासमझ बने रहिए) यह उनको आखिरी संदेश था। मैंने इन शब्दों को हमेशा खुद की इच्छाओं में शामिल रखा है और अब आप स्नातक हो गए हैं, तो मैं आपके लिए भी यही दुआ करता हूं। स्टे हंग्री-स्टे फूलिश।

 Related Posts:

Steve Jobs: How to live before you die   VIdeo

“भूख रखिए, नासमझ बने रहिए”-स्टीव जाॅब्स

सफलता पाने हेतु एकाग्रता कैसे बढ़ाए?

मित्र की बात सुनने के पूर्व ३ परीक्षण करके सुने ताकि मित्रता बनी रहें

सफलता पाने हेतु प्राणऊर्जा कैसे विकसित करें?

‘जब मैंने मौत को बहुत नजदीक से देखा, तब मुझे मौत भी लाभकारी थी’ – स्टीव जाॅब्स&rdquo पर एक विचार;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s