सफलता हेतु अपने भीतर बनने वाले रसायनों के प्रति सजग बन कर नियन्त्रित करें

स्वयं पर नियन्त्रण हेतु हमें अपने जीवन में बनने वाले रसायनों को नियन्त्रित करना पड़ता है। संयम की चाबी रसायनों के पास है। हमारा जीवन रसायनों का योग है। हमारा ष्षरीर बनता भी रसायनों से हैं एवं इसका संचालन भी उन्हीं से होता है। ष्षरीर में एक रसायन विषेष के बनने से भूख लगने का पता लगता है व भोजन करते ही रसायन बदल जाता है तो तृप्ति महसूस होती है। विपरित लिंग के प्रति आकर्षण के पीछे भी एक तरह का रसायन होता है। कामपूर्ति होते ही भिन्न रसायन पैदा होता है जो तृप्ति देता है।पूर्ति होने के बाद भिन्न रसायन उत्पन्न होने से उदासीनता का भाव आता है। इन तीनों स्थितियों के लिए रसायन जिम्मेदार है। व्यक्ति बेहोषी में इन रसायनों का स्वतः ही अनुसरण करने लगता है। तब व्यक्ति सजग नहीं होने से अपने को देख नहीं पाता है एवं रसायनों के आवेग-आवेष में बह जाता हैं। तभी कहाँ जाता है कि हम सब आदतों में जीते है स्वत़न्त्र रूप से हम कुछ कर नहीं पाते है। अपना सीखा हुआ ज्ञान या अनुभव भी काम नहीं आता है। इसलिए जोसेफ एडीसन ने लिखा है कि सैद्धान्तिक तौर पर सहमति जताते हुए हम अक्सर उनकी उस बात का अनुसरण करना भूल जाते है, जिसे खुद सही मानते है। तब हमारे पर अपना नियन्त्रण नहीं रहता है। तभी तो मनुष्य की तुलना कभी-कभी मषीन से की जाती है जो कि अंषतः सही है।

विचारों की जड़ में भी यही रसायन होते है। यद्यपि मनुष्य मात्र रसायनों से नहीं बना है जैसा कि मनुष्य मात्र मषीन नहीं है। व्यवहारवाद, आनुवांषिकी, चेतनता, संस्कार, धारणाओं, मूल्यों आदि का भी मानव जीवन में भूमिका है।

क्या हम इन रसायनों के कारण होने वाले ष्षारीरिक परिवर्तन, विचार, भावनाओं को उठते-नष्ट होते देख सकते है? इनके प्रति तटस्थ दृष्टिकोण रख सकते है? जब हम इनको ष्षान्ति से देखना ष्षुरू करें तो हमारे जीवन में क्रान्तिकारी बदलाव आने ष्षुरू होते है। तब हम स्वयं को समझने लगते है। अपने क्रिया कलापों के प्रति जाग्रत होते है, इससे हमारी सजगता बढ़ती है।

4 विचार “सफलता हेतु अपने भीतर बनने वाले रसायनों के प्रति सजग बन कर नियन्त्रित करें&rdquo पर;

  1. Dear all
    It is scientifically proved that chemicals affects our body and mind. Through positive thoughts and meditation practice we may control chemical effects in our body. So practice of Meditation and moving towards spirituality is necessary for our balance life.
    Dr. Rakesh Dashora
    Holistic Hiller

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