जापान के भूकंप से सबक:भुज भूकंप में हमनें क्या किया ?

जापान ने पुनर्निमाण के लिए जज्बे के साथ जिस योजनाबद्ध ढंग से काम किया है वह पूरी दुनिया के लिए प्रेरक है

जापान के भूकंप
  • शांतिः-ऐसी आपदा के दौरान भी धैर्य बनाए रखा। सार्वजनिक रूप से दुख का प्रदर्शन नहीं किया।
  • आत्मसम्मानः- खाद्यान्न सामग्री, पानी और जरूरी सामान के लिए लोगों ने कोई छीना-झपटी नहीं की। सभी ने कतार में अनुशासित रहकर सामान लिया।
  • क्षमताः– बेहतरीन आर्किटेक्स हैं जापानी। इमारतें बह गईं, लेकिन गिरी नहीं।सौजन्यताः- केवल वर्तमान जरूरतों भर की चीजें ही खरीदीं। जमाखोरी नहीं की।
  • व्यवस्थाः-सुनामी के बाद मची अफरा-तफरी के बीच भी दुकानों, माॅल आदि में लूटपाट की वारदात नहीं हुई। बगैर सुरक्षा वाले एटीएम को भी नहीं छुआ गया।
  • कुर्बानीः-क्षतिग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडिएशन के खतरनाक स्तर तक पहुंच जाने के बावजूद अपनी जान की परवाह किए बिना लगभग 200 टेक्नीशियन इसे ठीक करने के लिए जूझ रहे हैं। इन्हें यह पता था कि इनके विशेष सूट रेडिएशन से इनकी रक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है। वहां रुके लोगों में से पांच की मौत हो गई, दो लोग लापता बताए गए हैं और 21 बीमार हैं।
  • मददः-रेस्तराओं ने खाने-पीने के सामानों की कीमतें घटा दीे। जवानों ने बूढ़ों की मदद की।
  • मीडियाः-मर्यादा और संयम का पालन किया। अफवाहों को हवा नहीं दी। न ही उनकी मीडिया ने नकारात्मक तस्वीरें व खबरे प्रकाशित की।
  • ट्रेनिंगः-जापान में नियमित ट्रेनिंग के कारण वृद्ध हों या बच्चे सबको पता था कि ऐसी आपदा के समय क्या करना है, उन्होंने बिलकुल वैसा किया भी।

जापानियों ने यह किया लेकिन यदि यहीं भूकम्प हमारे यहाँ आया होता तो हम क्या करते सोचिए…………………..? कच्छ भूज में आए भूकम्प का सामना हमने कैसे किया। यह आप सब जानते है। कितने अफरा-तफरी मची थी। राहत सामग्री में से गफले किए। प्रशासन समय पर न पहुँच सका। अव्यवस्था का लाभ जो उठा सकता था उसने उठाया।

जापान के भूकंप से सबक:भुज भूकंप में हमनें क्या किया ?&rdquo पर एक विचार;

  1. Nice Obsevation Sirjee. I agree that although as per Latest Census literacy rate has increased to 75% ( approx.), but still most of the people in India are ill mannered. It is the fault of our education system. We are taught Maths, Science, English etc. but are never taught how to deal with various situations in LIFE or how to be a good human being. We are never forced upon to develop our Moral or Ethical values or behaviour.

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