अलसी का सेवन किस रोग में व कैसे करें?

सुपर फुड अलसी में ओमेगा थ्री व सबसे अधिक फाइबर होता है। यह डब्लयू एच ओ ने इसे सुपर फुड माना है। यह रोगों के उपचार में लाभप्रद है। लेकिन इसका सेवन अलग-अलग बीमारी में अलग-अलग तरह से किया जाता है।

 

  • स्वस्थ व्यक्ति को रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच अलसी का पाउडर पानी के साथ ,सब्जी, दाल या सलाद मंे मिलाकर लेना चाहिए । अलसी के पाउडर को ज्यूस, दूध या दही में मिलाकर भी लिया जा सकता है। इसकी मात्रा 30 से 60 ग्राम प्रतिदिन तक ली जा सकती है। 100-500 ग्राम अलसी को मिक्सर में दरदरा पीस कर किसी एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख लें। अलसी को अधिक मात्रा मंे पीस कर न रखें, यह पाउडर के रूप में खराब होने लगती है। सात दिन से ज्यादा पुराना पीसा हुआ पाउडर प्रयोग न करें। इसको एक साथ पीसने से तिलहन होने के कारण खराब हो जाता है।
  • खाँसी होेने पर अलसी की चाय पीएं। पानी को  उबालकर उसमें अलसी पाउडर मिलाकर चाय तैयार करें।एक चम्मच अलसी पावडर को दो कप (360 मिलीलीटर) पानी में तब तक धीमी आँच पर पकाएँ जब तक यह पानी एक कप न रह जाए। थोड़ा ठंडा होने पर शहद, गुड़ या शकर मिलाकर पीएँ। सर्दी, खाँसी, जुकाम, दमा आदि में यह चाय दिन में दो-तीन बार सेवन की जा सकती है। दमा रोगी एक चम्मच अलसी का पाउडर केा आधा गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे और उसका सुबह-शाम छानकर सेवन करे तो काफी लाभ होता है। गिलास काँच या चाँदी को होना चाहिए।
  • समान मात्रा में अलसी पाउडर, शहद, खोपराचूरा, मिल्क पाउडर व सूखे मेवे मिलाकर नील मधु तैयार करें।  कमजोरी में व बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नील मधु उपयोगी है।
  • डायबीटिज के मरीज को आटा गुन्धते वक्त प्रति व्यक्ति 25 ग्राम अलसी काॅफी ग्राईन्डर में ताजा पीसकर आटे में मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए। अलसी मिलाकर रोटियाँ बनाकर खाई जा सकती हैं। अलसी एक जीरो-कार फूड है अर्थात् इसमें कार्बोहाइट्रेट अधिक होता है।शक्कर की मात्रा न्यूनतम है।
  • कैंसर रोगियों को ठंडी विधि से निकला तीन चम्मच तेल, छः चम्मच पनीर में मिलाकर उसमें सूखे मेवे मिलाकर देने चाहिए। कैंसर की स्थिति मेें डाॅक्टर बुजविड के आहार-विहार की पालना श्रद्धा भाव से व पूर्णता से करनी  चाहिए। कैंसर रोगियों को ठंडी विधि से  निकले तेल की मालिश भी करनी चाहिए।
  • साफ बीनी हुई और पोंछी हुई अलसी  को धीमी आंच पर तिल की तरह भून लें।मुखवास की तरह इसका सेवन करें। इसमें संेधा नमक भी मिलाया जा सकता है। ज्यादा पुरानी भुनी हुई अलसी प्रयोग में न लें।
  • बेसन में 25 प्रतिशत मिलाकर अलसी मिलाकर व्यंजन बनाएं। बाटी बनाते वक्त भी उसमें भी अलसी पाउडर मिलाया जा सकता है। सब्जी की ग्रेवी में भी अलसी पाउडर का प्रयोग करें।
  • अलसी सेवन के दौरान खूब पानी पीना चाहिए। इसमें अधिक फाइबर होता है, जो खूब पानी माँगता है।

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56 विचार “अलसी का सेवन किस रोग में व कैसे करें?&rdquo पर;

  1. नीलमधु

    अलसी चेतना द्वारा रचित नीलपुष्पी (अलसी) और मधु से बना स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट व्यंजन नीलमधु। विधि इस प्रकार है। पाँच कटोरियाँ लीजिये और उनमें क्रमशः पिसी अलसी, शहद (प्राकृतिक अच्छा रहेगा), मिल्क पॉवडर, कसा हुआ नारियल और बारीक कटे हुए मेवे (बादाम, किशमिश आदि) भर लें। अब सब चीजों को एक थाली में साफ हाथों से अच्छी तरह मिला लीजिये और साफ डिब्बे में भर कर फ्रीज में रख दीजिये। आपका दिव्य नीलमधु तैयार है, इसे रोज सुबह-शाम खाइये। इसे गर्म दूध में मिला कर या मिल्कशेक बना कर भी लिया जा सकता है। इसे आप फेसपेक या उबटन के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं। यह लंबे समय तक खराब नहीं होता है। यह बच्चों, छात्रों और अकेले रहने वालों के लिए आदर्श व्यंजन है। यह बहुत स्वादिष्ट मिठाई भी है, त्योहारों पर नकली मावे और डालडा से बनी मिठाईयों का बढ़िया विकल्प है। बना-बनाया नीलमधु कहीं भी उपलब्ध नहीं है। कृपया पतंजली की वेबसाइट या स्टोर्स पर इसे नहीं ढूढ़े।
    डॉ. ओम वर्मा

    1. Almost 2 months back i.e. 29 th Jan – At d time of reception (Marriage)-time -8 pm. There was noise of crackers , noises from Generators , noise from firing (Gun bullets) plus effects of cold . I felt that my both d ears abt to lost hearing.
      Then Consulted doctor n taken medicine till 3 Feb.
      Again visited Manipal Hospital, on 4th n after diagnosis ,Dr prescribed medicine n advised to continue abt 15-20 days in
      Higher to lower doses gradually.
      on 4th Feb,in left ear – abt 25-40% hear loss was there.
      & in right ear 40-60% loss was there.
      At present (25 th March)- it seems , left year doesn’t hv any problem but right ear hvng still gooming sound ( like noise from generators) is coming that’s why listening problem is there.

      I hv using bhuni hui n pisi hui alsi 5-10 gm daily mrng with warm water or sometime with cold water

  2. Coco flaxcream

    सामग्री:-

    1. कंडेंस्ड मिल्क एक टिन 400 ग्राम
    2. ताजाबारीक पिसी अलसी 100 ग्राम
    3. दूध 1 लीटर
    4. अलसी के अंकुरित या किशमिश चौथाईकप
    5. बारीक कटी बादाम 25 ग्राम
    6. वनीला एक छोटी चम्मच
    7. चीनीस्वादानुसार
    8. कोको पावडर 50 ग्राम

    आइसक्रीम बनाने कीविधिः-

    सबसे पहले दूध गर्म कीजिये। थोड़े से दूध (लगभग 100-50 ग्राम) में अलसी के पावडर को अच्छी तरह मिला कर एक तरफ रख दें। फिर दूध कोधीमी-धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक उबाल कर ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने परदूध, चीनी, कंडेंस्ड मिल्क और अलसी के मिश्रण को बिजली से चलने वाले हैंड ब्लेंडरसे अच्छी तरह फैंटे। मेवे, वनीला मिला कर फ्रीजिंग ट्रे में रख कर जमने के लिए डीपफ्रीजर में रख दें। चाहें तो आधी जमने पर फ्रीजिंग ट्रे को बाहर निकाल कर एक बार औरअच्छी तरह फैंट कर डीप फ्रीजर रख दें। अगले दिन सुबह आपकी स्वास्थ्यप्रद, प्रिजर्वेटिव, रंगों व घातक रसायन मुक्त आइसक्रीम तैयार है।

    Mango flaxcream

    सामग्रीः- 1. कडेंस्ड मिल्क एक टिन 400 ग्राम 2. ताजा बारीक पिसी अलसी 50 ग्राम 3. दूध एक लीटर 4. आम दो किलो 5. मेवे आधा कप 6. अलसी का तेल 100 ग्राम (अलसी का तेल न मिले तो बटर का प्रयोग करलें) 7. चीनी स्वादानुसार।
    विधिः- पहले थोड़े से दूध में अलसी के पाउडर को मिला कर एक ओर रख दें। फिर बचे हुए दूध को धीमी ऑच पर 15-20 मिनट तक ओंटा कर ठंड़ा होने रख दें। आम काट कर छिलका तथा गुठली अलग करलें और आम के टुकड़े एक प्लेट में रख लें। अब सारी सामग्री बिजली से चलने वाले हैंड ब्लैडर से अच्छी तरह फेंट लें। मिश्रण को फ्रीजिंग ट्रे में रख कर फ्रिज में जमने के लिए रखदें। अगले दिन आम के कटे हुए टुकड़ो से सजाकर आम की फ्लेक्सक्रीमसर्व करें।

    Rose flaxcream

    सामग्रीः- 1. कंडेंस्ड मिल्क 1 टिन 2. ताजा बारीक पिसी अलसी 100 ग्राम 3. दूध एक लीटर 4. गुलाब का गुलकन्द – 2 बड़े चम्मच 5. मेवे आधा कप 6. रूह आफजा आधा ग्लास 7. चीनी स्वादानुसार.
    विधिः- पहले थोड़े से दूध में अलसी के पाउडर को मिला कर एक ओर रख दें। फिर बचे हुए दूध को धीमी ऑच पर 15-20 मिनट तक ओटा कर ठंड़ा होने रख दें। अब सारी सामग्री बिजली से चलने वाले हैंड ब्लैडर से अच्छी तरह फेंट लें। मिश्रण को फ्रीजिंग ट्रे में रख कर फ्रिज में जमने के लिए रखदें। जमने पर ऊपर से थोड़ा रूह आफजा डालकर सर्व करें।
    Dr. O.P.Verma
    M.B.B.S.,M.R.S.H.(London)
    President, Flax Awareness Society
    7-B-43,MahaveerNagar III,Kota(Raj.)
    Join my network at
    http://flaxindia.ning.com
    +919460816360

  3. अलसी के स्वादिष्ट लड्डू
    सामग्री –
    1.अलसी 100 ग्राम। 2.आटा 100 ग्राम। 3.मखाने 75 ग्राम। 4.नारियल 75 ग्राम। 5.किशमिश 25 ग्राम। 6.बादाम 25 ग्राम। 7.घी 300 ग्राम। 8.चीनी 350 ग्राम।
    लड्डू बनाने कि विधिः–
    सबसे पहले नारियल कर लीजिये। बादाम को बारीक-बारीक काट लीजिये। अलसी को कढ़ाई में लगभग एक मिनट तक हल्का सा भून लीजिये और ठंडी होने पर मिक्सी में पीस लीजिये। अब चीनी को भी मिक्सी में पीस लीजिये। कढ़ाही में लगभग 50 ग्राम घी गर्म करके उसमें मखाने हल्के-हल्के तल लें। लगभग 150 ग्राम घी गर्म करके उसमें आटे को हल्की ऑच पर गुलाबी होने तक भून लें। जब आटा ठंडा हो जाये तब सारी सामग्री और बचा हुआ घी अच्छी तरह मिलायें और गोल-गोल लड्डू बनाकर देश विदेश में मशहूर अलसी के लड्डूओं का आनन्द लें।

    अंकुरित अलसी
    अंकुरित अलसी बनाने की विधिः–
    रात को सोते समय अलसी को भिगो कर रख दीजिये। सुबह अलसी को साफ पानी में धोकर पांच मिनट के लिए किसी चलनी में रख दें ताकि उसका पानी नितर जाये। अब साफ धुले हुए मोटे सूती कपड़े जैसे पुराने बनियान में लपेट कर एक प्लेट में रख कर दूसरी प्लेट से ढक कर रख दें। दूसरे दिन सुबह आपके स्वादिष्ट अंकुरित तैयार हैं।
    सफेद चटनी
    सामग्रीः–
    1. एक मध्यम आकार का कटा हुआ प्याज 2. कटी हुई आधी मूली 3. दही 3 चम्मच 4. ताजा पिसी अलसी एक चम्मच
    5. एक हरी मिर्च 6. जीरा एक चौथाई चम्मच 7. लहसुन चार कलियां 8. चाट मसाला एक चम्मच 9. नमक स्वादानुसार
    बनाने की विधिः–
    उपर्युक्त सभी सामग्री को मिक्सी के चटनी जार में डाल कर अच्छी तरह पीस लें और सफेद पौष्टिक चटनी का आनंद लें।
    लाल चटनी
    सामग्रीः–
    1. गीली लाल मिर्च 6-7 2. लहसुन की कलियां 10 3. ताजा पिसी अलसी 3 चम्मच 4. एक मध्यम आकार का टमाटर 5. जीरा एक चौथाई चम्मच 6. हींग चुटकी भर 7. नमक स्वादानुसार

    बनाने की विधिः–
    उपर्युक्त सभी सामग्री को मिक्सी के चटनी जार में डाल कर अच्छी तरह पीसे लें और लाल पौष्टिक चटनी का आनंद लें। यदि गीली लाल मिर्च उपलब्ध न हो तो पिसी लाल मिर्च प्रयोग कर सकते हैं।
    हरी चटनी
    सामग्रीः–
    1. कटा हुआ हरा धनियां एक कटोरी 2. कटी हुई हरी मिर्च 4-5 3. ताजा पिसी अलसी 3 चम्मच 4. कटा हुआ प्याज एक कटोरी 5. कटा हुआ टमाटर एक कटोरी 6. दही आधा कटोरी 7. जीरा एक चौथाई चम्मच 8. नमक स्वादानुसार

    बनाने की विधिः-
    उपर्युक्त सभी सामग्री को मिक्सी के चटनी जार में डाल कर अच्छी तरह पीस लें और हरी पौष्टिक चटनी का आनंद लें।
    नारंगी चटनी
    सामग्रीः –
    1. कटा हुआ पपीता एक कटोरी 2. कटा हुआ गाजर एक कटोरी 3. कटा हुआ टमाटर एक कटोरी 4. ताजा पिसी अलसी दो चम्मच 5. लाल मिर्च पाउडर एक चम्मच 6. जीरा एक चौथाई चम्मच 7. आधे कटे हुए नींबू का रस 8. नमक स्वादानुसार

    बनाने की विधिः-
    उपर्युक्त सभी सामग्री को मिक्सी के चटनी जार में डाल कर अच्छी तरह पीस लें और नारंगी पौष्टिक चटनी का आनंद लें।
    बैंगनी चटनी
    सामग्रीः-
    1. कटा हुआ चुकन्दर एक कटोरी 2. कटा हुआ धनियां आधा कटोरी 3. कटी हुई हरी मिर्च चौथाई कटोरी 4. ताजा पिसी अलसी दो चम्मच 5. कटा हुआ अदरक एक छोटी गांठ 6. जीरा एक चौथाई चम्मच 7. आधे कटे हुए नींबू का रस 8. चाट मसाला एक चम्मच 9. नमक स्वादानुसार

    बनाने की विधिः-
    उपर्युक्त सभी सामग्री को मिक्सी के चटनी जार में डाल कर अच्छी तरह पीस लें और बैंगनी पौष्टिक चटनी का आनंद लें।
    अलसी के सेव
    सामग्रीः–
    1. एक कटोरी बेसन 2. आधा कटोरी पिसी अलसी 3. एक चम्मच लाल या सफेद मिर्च का पाउडर 4. चार लोंग 5. आधा चम्मच अजवाइन 6. आधा चम्मच काला नमक 7. सैंधा नमक स्वादानुसार 8. एक चौथाई चम्मच हींग 9. तलने के लिए तिल या सरसों का तेल।
    विधिः-
    पहले लौंग व अजवाइन को मिक्सी के ड्राई ग्राइन्डर में बारीक पीस लें। फिर बेसन, अलसी का पाउडर और सारे मसाले मिला कर आटे की तरह पानी से गूंध लें। सेव बनाने की मशीन में इस मिश्रण को भरकर मशीन का ढ़क्कन बन्द कर दे। कढ़ाही में तेल डालकर तेज आंच पर गर्म होने दे। तेल गर्म होने पर कढ़ाही के ऊपर सावधानी पूर्वक मशीन को पकड़ें और हेन्डल घुमाकर सेव बनाएं। थोड़ी देर बाद सेवों को झारी से पलट दें। जब सेव अच्छी तरह तल जाये तो झारी से सेव निकालकर अखबार पर रख दें। यदि तलते समय कढ़ही में झाग आये तो तेल में नमक के पानी के छींटे दे दें। इस तरह आपके स्वास्थ्यप्रद ओमेगा-3 से भरपूर सेव तैयार है जिन्हें आप चार-पांच दिन तक आराम से खा सकते है।
    बेसन के गट्टे
    सामग्रीः–
    1. एक कटोरी बेसन 2. आधा कटोरी पिसी अलसी 3. आधा चम्मच सौंफ 4. एक चौथाई चम्मच काला नमक 5. हींग चुटकी भर 6. हल्दी एक चौथाई चम्मच 7. लाल मिर्च पाउडर आधा चम्मच 8. खाने का सोड़ा एक चौथाई चम्मच 9. इलाइची दो। 10. लोंग दो
    बनाने की विधिः-
    सबसे पहले सौंफ, इलाइची और लौंग को मिक्सी के ड्राई ग्राइन्डर में बारीक पीस लें। अब सारी सामग्री को मिक्स करके पानी से गाढ़ा-गाढ़ा गूंध लें। दोनों हथेलियों से बेसन की लोई को गोल-गोल बेलकर गट्टे बना लेवें। फिर पानी उबालने रख दे। जब पानी में उबाल आ जाये तब बेसन के गट्टे उबलते पानी में डाल दे। लगभग 10 मिनट बाद गट्टे पानी में ऊपर आ जायेंगे तब गैस बंद कर दे गट्टों को अलग बर्तन में निकाल ले। बचे हुए पानी को तो गट्टे का शोरबा बनाने के लिये इस्तेमाल करें।
    अलसी के बिजोरे
    सामग्रीः–
    1. उड़द की दाल 300 ग्राम 2. सफेद पेठा 1 किग्रा. 3. तिल्ली 500 ग्राम 4. अलसी 500 ग्राम 5. मिर्च और नमक स्वादानुसार 6. घी दो बड़ी चम्मच।
    बनाने की विधिः–
    उड़द की दाल को रात सोते समय भिगो कर रख दें। अगले दिन सुबह दाल को धोकर मिक्सी में पिस लें। पेठे को कद्दू कस से कस लें। बीज अलग नहीं करे। अब सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें और हाथों से बेल कर छोटी-छोटी टिकिया (लगभग दो इन्च बड़ी) बना लें। और तेज धूप में सूखने के लिये रख दें। 8-10 दिन तक अच्छी तरह रोज सुखायें। लंच या डिनर में पापड़, भरी मिर्च आदि के साथ हल्का सा तल कर परोसे। ये खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगेगें।

  4. अलसी के कुछ सौंदर्य प्रसाधन आप द्वारा घर पर भी बनाये जा सकते हैं।

    अलसी का उबटनः-
    चौथाई कप ताजा पिसी अलसी, चौथाई कप बेसन और चौथाई कप गैंहूं के आटे को आधा कप (100 एम.एल.) दही, एक बड़ी चम्मच शहद, एक बड़ी चम्मच अलसी या खोपरे के तेल व किसी भी सुगंधित तेल की 5 बूंद (जैसे लेवेंडर तेल आदि) में अच्छी तरह मिला कर उबटन बनाएं, होले होले चेहरे व बदन पर मलें और घर बैठे ही हर्बल स्पा जैसा लाभ पायें। इससे त्वचा नम व रेशमी बनी रहेगी।

    बालों का सेटिंग जेलः-
    पहले तीन कप पानी को तेज आंच पर रखें। उबाल आने पर तीन चौथाई कप अलसी डाल कर 8 – 10 मिनट तक सिमर करें। ठंडा होने पर एक चम्मच नारियल या बादाम का तेल व 5 बूंद लेवेन्डर का तेल मिलाएं और फ्रीज में रखें। इसे एक सप्ताह तक बालों को सेट करने हेतु काम में ले सकते हैं।

    केश तेलः-
    मीठी नीम और मेंहदी के पत्तों को धो कर और पोंछ कर मिक्सर में बारीक पीस लें। एक कप नारियल के तेल को गर्म करें और उसमें एक चम्मच मीठी नीम और मेंहदी के पत्तों के इस पेस्ट को भूरा होने तक धीरे-धीरे भूने। फिर उसमें एक कप अलसी का तेल डाल कर थोड़ा सा लेवेन्डर तेल मिलाएं। आपका केश तेल तैयार है।

  5. meri aayu lagbhag 42 h main alsi ke swasthyawardhak upay jane. mujhe cholestrole h or dhadkan badh jati h.aksar hot flashes aate hain or gas bhi banti h. kya mujhe alsi fayda karegi ek do bar maine alsi ke beej chaba2kar prayog kiye the kyonki mujhe iska swad achha lagta h. lekin mujhe bhut hot flashes aane lagte h . main janana chahti hoon ki main kaise alsi ka prayog kru or kya sawdhani rakhoon.

  6. Alsi par aapke likhe article pade bahut acche lage bahut kuch new information mili.
    Meri age 35 hai Mai mostly depression me rahti hun mera mind kabhi bhi tension free nahi rahta, humesha tired feel karti hun. memory bhi weak lagne lagi hai.
    Maine abhi kuch din pahle hi alsi powder milk me morning aur night me lena start kiya hai kya ye right method hai. Please mujhe bataye mai kaise fit ho sakti hun.

    regards

  7. Sir,
    maine kal bhi comment kiya tha par aaj mera comment isme nahi hai.
    Alsi par aapke article pade bahut acche lage. mujhe nahi pata tha flaxseed itne kaam ka hota hai.
    meri age 35 hai mostly mai depression aur tension me rahti hun, always tired feel karti hun. in sabse mai kaise bahar nikalu. aur khud ko fit kar sakun. aajkal kuch dino se maine alsi powder morning aur night me milk me lena start kiya hai. please mujhe bataiye kya ye sahi method hai. morning me jabse mai alsi powder milk me lene lagi hun mujhe 12-1 baje tak bhookh nahi lagi.

    regards

  8. sir main 36 years ka hu, aur meri abhi shaadi bhi nahi huyi hai, mujhe lagta hai ki mere pvt. part mai dheelapan aa gaya hai. sir kahi yeh napunsakta ke lakshan to nahi hai. aur agar hai to kya main alsi ke sewen se theek ho sakta hu to main alsi ka sewen kis prakar karu, aur kaise karu, kirpa meri problem ka samadhan kare.

    1. sir main 36 years ka hu, aur meri abhi shaadi bhi nahi huyi hai, mujhe lagta hai ki mere pvt. part mai dheelapan aa gaya hai. sir kahi yeh napunsakta ke lakshan to nahi hai. aur agar hai to kya main alsi ke sewen se theek ho sakta hu to main alsi ka sewen kis prakar karu, aur kaise karu, kirpa meri problem ka samadhan kare.

  9. नमस्कार सर जी मेरी पत्नी कमर दर्द से बहुत ज़्यादा पीड़ित हैं 18 नवम्बर २०१२ को उनका ग्रभासय ।।हरनिया ।।मूतर नली की गाँठों का आपरेशन हो चुका है ।।।।MRI ..ct scan n x ray bhi Kara Ilya koi benefit nahi hua hai …..कोई उपचार बताये ।।।धन्यवाद अशोक कुमार

  10. मेरी टाँगे सूबहा उठने टाइम दर्द करती हैं ।।ओर सर भी इक दम भारी भारी सा हो जाता है ।।गले को भी बाहर से दर्द होता है जैसे कोई गला दबा था हो ।। मेरा युरिक ऐसिड 7.2 है …में बोहात परेशान हु ।।अगर सही उपाये पता हो तो ज़रूर बताएँ।।

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