बेटा और बेटी में क्या अन्तर है:महिला दिवस की शुभकामनाए

बेटा वारिश है तो बेटी पारस है,

बेटा वंश है तो बेटी अंशहै,

बेटा और बेटी में अन्तर :स्त्री मुक्ति दिवस

बेटा आन है तो बेटी षान है,

बेटा तन है तो बेटी मन है,

बेटा मान है तो बेटी गुमान है,

बेटा आग है तो बेटी बाग है।
बेटा संस्कार है तो बेटी संस्कृति है,

बेटा दवा है तो बेटी दुआ है,

बेटा भाग्य है तो बेटी विधाता है,

बेटा शब्द है तो बेटी अर्थ है,

बेटा गीत है तो बेटी संगीत है,

बेटा प्रेम है तो बेटी पूजा है।
अपनी सन्तति का लिंग कुछ भी हो माँ-बाप के लिए दोनों बराबर होते है। कम-से-कम माता-पिता तो फर्क कर इस भेद को न बढ़ाएँ। दोनों की अपनी-अपनी जगह है। न बेटा बड़ा न बेटी छोटी। लिंग के आधार पर बेटा-बेटी में फर्क करना अनुचित है। सभी इन्सान समान होते है। बेटा बेटी में फर्क  समाप्त करे तभी स्त्री मुक्ति दिवस मनाना सार्थक होगा।


8 विचार “बेटा और बेटी में क्या अन्तर है:महिला दिवस की शुभकामनाए&rdquo पर;

  1. Can I share a wish-list on this Women’s Day? That I will not be molested on streets. Even though I am a single woman people will not treat me with distrust if I want to rent their house. I will not have to debate with myself a thousand times if I want to hire a cab on my own to go to another city. That plumbers and electricians will not take me for a ride. In hotels in small towns waiters will listen to me. I will not worry about finding a safe space each time I am running late in the evening. Doctors will not bring down all my gynecological ailments to not having a baby on “time”. The world will not expect me to be the “nurturer” only because I am a woman. There are of course many more..but HAPPY WOMEN’S DAY.

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