सफलता हेतु प्रेरक गुरु और दक्ष प्रबन्ध विशेषज्ञ में से कोैन अधिक सहायक है?

प्रेरक गुरु और दक्ष प्रबन्ध विशेषज्ञ में अन्तर

प्रेरक गुरु मात्र कार्य करने को आदर्शो से प्रेरित करते है। यह जीवन शैली व विचारों को बदलते है।  सामान्य मानवीय कमजोरियों को दूर करने की बात करते है। इनकी सलाह आम होती है। शिव खेड़ा जैसे लोग प्रेरक गुरु है। प्रेरक गुरु की सलाह आदर्शवादी होती है। प्रेरक गुरू आम सलाह देते है जैसे कि आत्म विश्वास बढ़ाओं, आशावादी रहो, आगे बढ़ो आदि। ये आत्म विकास की बातें करते है। व्यवस्थागत कमजोरियों से बाहर निकलने का मार्ग नहीं बता पाते है। ये स्वयं को बदलने की सामान्य बातें करते है। जबकि पीटर ड्रकर जैसे प्रबन्ध विशेषज्ञ रणनीति/कौशल बताते व उनके कार्य में आने वाली बाधाओं को पार करने की तकनीक बताते एवं व्यक्तियों से कार्य कराने का कौशल सिखाते है। जैसे प्रबन्धन पर आई आई एम अहमदाबाद के प्रोफेसर राय देते है। वे अपने विषयों में दक्ष है। तत्कालीन परिस्थितियों व समुचित स्थिति को देख कर संस्थागत/व्यावसायिक सलाह देते है। विशेषज्ञ की राय अमुमन व्यावहारिक होती है। अमुमन इनकी सलाह ग्राहक आधारित होती है। विशेषज्ञ की राय आम न होकर खास होती है।
जबकि दक्ष विशेषज्ञ विशिष्ट प्रबन्धकों के सामने जिनके लक्ष्य के अनुरूप कला बताते है। प्रेरक गुरू की वार्ता का परिणाम मापना कठिन है। जबकि दक्ष विशेषज्ञ की बात के असर को परिणाम के आधार पर मापा जा सकता है।
यह व्यक्ति विशेष की स्थिति पर निर्भर है कि उसके लिए किस विशेषज्ञ की जरुरत है। व्यक्तिगत कमजोरियों को जितने प्रेरक गुरु संस्थागत व व्यवस्थागत/ प्रबन्धन सम्बन्धी समस्याओं का सामना करने के लिए दक्ष विशेषज्ञ की जरुरत रहती है।

 

4 विचार “सफलता हेतु प्रेरक गुरु और दक्ष प्रबन्ध विशेषज्ञ में से कोैन अधिक सहायक है?&rdquo पर;

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