विलक्षण कंप्युटर यानि मानवीय मस्तिष्क पर क्षमता बढाने वाले प्रेरक वचन

  • मनुष्य का मस्तिष्क बंजर खेत की तरह है, जब तक इसमें बाहर से मसाला नहीं जाएगा इसमें कुछ भी पैदा न हो सकता है।
  • यदि तू मस्तिष्क को शान्त रख सकता है, तो तू विश्व पर विजयी होगा।
  • ईश्वर प्रत्येक मस्तिष्क को सच और झूठ में से एक को चुनने का अवसर देता है।
  • मानव मस्तिष्क ठीक एक पैराशूट की तरह है- जब तक वह खुला रहता है तभी तक कार्यशील रहता है।
  • दुर्बल शरीर मस्तिष्क को दुर्बल बना देता है।
  • शून्य मस्तिष्क शैतान की धर्मशाला है।
  • अलादीन के चिराग की कहानी कल्पित हो सकती हैं पर अपना मस्तिष्क सचमुच जादुई चिराग सिद्व होता है।

Related Posts:

आपका मस्तिष्क दुनिया का सबसे बड़ा सुपर कम्प्यूटर

हम अपने मस्तिष्क की क्षमता कैसे बढाएं ?

स्पेंसर जोंसन की निर्णय करने की विधि

अवचेतन मस्तिष्क के अज्ञान से कैसे हुई हानि

सफलता प्राप्ति हेतु स्थिरक तकनीक(Anchoring) का प्रयोग कैसे करें ?


3 विचार “विलक्षण कंप्युटर यानि मानवीय मस्तिष्क पर क्षमता बढाने वाले प्रेरक वचन&rdquo पर;

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s