सफलता प्राप्ति हेतु स्थिरक तकनीक की विस्तृत विधि

सफलता प्राप्ति हेतु  स्थिरक के निर्माण हेतु दो चरण है।
प्रथमः स्वयं को अथवा जिस व्यक्ति पर स्थिरक निर्माण करना चाहते है, उसे अपने द्वारा चाही गई विशिष्ठ अवस्था मंे रखें। दूसराः जैसे-जैसे वह व्यक्ति उस विशिष्ठ अवस्था तक पहुॅंचता है, आप उसके लिये एक विशिष्ठ और अलग स्थिरक का प्रयोग करें। इन दो चरणों की व्याख्या विस्तारपूर्वक नीचे दी गई है।
उदाहरण के लिये, किसी के लिये विश्वास का सिरिथ निर्मित करने के लिये, उस व्यक्ति को किसी ऐसे समय का स्मरण करने को कहिये जब वह आत्म-विश्वास से परिपूर्ण था। आप उसे अपनी आॅंखें बंद करके, उस सम्पूर्ण अवस्था को फिर से महसूस करने के लिये कहिये, मानों वह घटना अभी घट रही हो। आप उस व्यक्ति के चेहरे के हाव-भाव, श्वसन और उसकी शारीरिक स्थिति में परिवर्तन महसूस करेंगे। वह कब इस अनुभव की चरम सीमा पर पहुॅंचता है, आप वह भी देख सकेंगे। अब उस व्यक्ति को आॅंखे खोलने, चलने और घूमने के लिये कहिये ताकि वह उस अवस्था से बाहर आ सके। तत्पश्चात् उस व्यक्ति से एक बार फिर से उसी अनुभव से गुजरने और महसूस करने को कहिए। इस बार जब आप ज्योंही उसे अनुभव की चरम सीमा पर पहुंचते देखें, उसके शरीर के किसी स्थान पर, जैसे-कन्धे पर दआव डालें। इस पूरी क्रिया को कुछ बार दोहराएं।
अब आप इस बात की जांच करें कि क्या स्थिरक काम कर रहा है? यह जाॅंच आसान है। उस व्यक्ति को हिलाकर या चला कर उस अवस्था से बाहर आने को कहें। इसके बाद उसी स्थिरक ( जैसे कन्धे के उसी विशेष हिस्से पर दबाव ) का प्रयोग करें। क्या वह व्यक्ति विश्वास की अवस्था में आता है? अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो इसका अर्थ है कि आपने इस प्रयोग के कुछ चरणों को छोड दिया है। अतः फिर से प्रयोग को दोहरा कर देखिये।
आप अलग-अलग वांछित अवस्थाओं के लिये अलग-अलग स्थिरकों का निर्माण कर सकते है- विश्वास, विनोद, प्रसन्नता, सफलता, सीखना, पढाई आदि।
स्थिरकों के निर्माण के लिये निम्न चार आवश्यकताएं हैः-
ऽ स्थिरक विशिष्ठ होना चाहिये। उदाहरण के लिये हाथ मिलाना एक अच्छा स्थिरक नहीं हो सकता।
ऽ यह अनुभव एक शक्तिशाली अनुभव होना चाहिये ताकि उस व्यक्ति का पूरा शरीर उस अनुभव में भाग ले।
ऽ जब वह व्यक्ति अनुीाव की चरम सीमा पर हो, तभी स्थिरक का प्रयोग करें।
ऽ स्थिरक ऐसा होना चाहिये कि आप हू-बहू इसे दोहरा सकें। उदाहरण के लिये अगर आप कन्धे के किसी दूसरे बिन्दु पर प्रभाव डालेंगे या दबाव की मात्रा को परिवर्तित करेंगे तो यह स्थिरक प्रभावकारी सिद्ध नहीं हो सकेगा।
स्थिरक का चुनाव कैसे करें
किसी स्थिरक के सम्पूर्ण प्रभावशाली रूप में कार्य करने हेतु, आप इन तीन भिन्न भागों में स्थिरक को चुन सकते है-
ऽ अनुभव ( स्पर्श, दबाव )
ऽ दृश्य अवस्था ( दृश्य, घटना आदि ) की पुनरावृत्ति महसूस करना ( सफलता, विश्वास )
ऽ मस्तिष्क में कुछ शब्दों को दोहराना- ( मैं सफल रहूॅंगा, मैं आत्म-विश्वास से परिपूर्ण हूॅं, सफलता, विश्वास आदि )
स्थिरक निर्माण करते समय स्थिरक के तीनों भागों का साथ-साथ उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिये, आप स्वयं में आत्म-विश्वास का स्थिरक उत्पन्न करने के लिये किसी बाॅक्सर के समान मुट्ठी बंद करे और कहें-‘मुझे आत्म-विश्वास है।’ साथ ही उस दृश्य या घटना को अपने मस्तिष्क में पुनर्निर्मित करें जब आप विश्वास से पूर्ण थे।

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