सफल होने मानसिक थकान/तनाव केैसे मिटाएं?

एक्क्ीसवीं सदी की सबसे बड़ी समस्या मानसिक थकान है। हम सभी थक गये है। जीवन में कहीं भी  विश्राम नहीं मिलता है।दिमाग हमेशा दौड़ता रहता है।निरन्तर हम विचारों में खोये रहते है। जल्दबाजी एवं विचार करने से हम थक जाते है। मानसिक थकान से हम ज्यादा परेशान है। थकान अमूमन विचार करने से उत्पन्न होती है। विचार करने वाला बैठे-बैठे तनाव बढ़ाता है। हमारी सारी परेशानी मानसिक थकान से है।लेट कर आराम करने से मानसिक थकान नहीं मिटती। हमारी समस्या मानसिक थकान की है। थका हुआ व्यक्ति सफलता प्राप्त नहीं कर सकता है।
Lion also Tired
हम थक कर विश्राम करने घर जाते है। यदि हम थकेगें नहीं तो कभी भी विश्राम को प्राप्त नहीं कर सकते है। हम मनोरंजन करते हुए भी थक जाते है। क्योंकि मनोरंजन मंे विचार बने रहते है।
जब बच्चे एक तरह के खिलोने से खेलते हुए थक जाते है तो नए खिलोने चाहते है। एक खेल से थक कर  दूसरा खेल खोजते है। अपने प्रयत्न  बदलते रहते है। बड़े भी जीवन भर यही करते है। एक उपल्बिधी से दूसरे उपल्बिधी हेतु भागते रहते है। इससे थकान नहीं मिटती है।
इसके विपरित शारीरिक थकान हमें प्रसन्नता देती है। तभी तो खिलाड़ी खेल के मेैदान में थकते नहीं है खेल कर प्रसन्न होते है। तभी तो शारीरिक श्रम का बड़ा महत्व है। तभी गांधीजी ने एक बार कहा था कि अपने श्रम की  रोटी ही मिठी लगती है।अर्थात् मानसिक थकान से बचने हेतु हमें शारीरिक श्रम करना होगा। प्रातःकालीन भ्रमण, व्यायाम, योग, प्राणायाम आदि इसमें सहायक है। जब भी आपको थकान लगें तो शारीरिक श्रम करें। इससे आपकी मानसिक थकान मिट जाएगी। अर्थात् तनाव का सामना करने में श्रम का बड़ा महत्व है।
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5 विचार “सफल होने मानसिक थकान/तनाव केैसे मिटाएं?&rdquo पर;

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