सफलता हेतु प्राथमिकताओं को कैसे तय करना?

हमारी   प्राथमिकताएँ तय नहीं है।कम महत्वपूर्ण कार्य शीघ्र व पहले करते है।  इसका चयन  नहीं करते है।
लक्ष्य के अभाव में जीवन व्यर्थ है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमें प्राथमिकता तय करनी पड़ती है। यदि आप अपनी कार्यो की प्रायोरीटि तय नहीं करते है तो कार्य आपको घूमाते रहते है। सदैव व्यस्त भी रहते है, और पहुँचते कहीं नहीं है। जरुरी कार्य  को पहचानना आना चाहिए। कार्य का महत्व आपको दिखता क्यों नहीं है?कार्य के मूल्य के अनुसार कार्य की प्राथमिकता का निर्णय करो। अहमियत के अनुसार कार्य करो।वरना व्यस्तता आपके महत्तवपूर्ण कार्यो की बलि ले लेगी। अधिक महत्वपूर्ण व जरुरी काम सबसे पहले करें। अन्यथा गैर जरुरी कार्य में आप अपना समय खो देगे। जीवन में समय तो सीमित है। कार्य असीमित है। अतः उनके बीच तालमेल हेतु प्राथतिकता अनुसार कार्य करना जरुरी है।
आज का आदमी भाग रहा है। सदैव जल्दबाजी में है, उसके पास रुककर विचार करने का समय नहीं है। यदि वह भागता रहा तो प्राथमिकताओं का निर्धारण नहीं कर सकता है।
चाल्र्स श्वाब ने कार्नेगी को प्राथमिकता का पाठ पढ़ाया था।एंड्रयू कारनेगी, अपने जमाने के स्टील किंग ने चाल्र्स श्वाब , समय प्रबन्धन विशेेषज्ञ को 25 हजार डाॅलर फिस प्राथमिकताओं केे चयन हेतु दी थी।
समय प्रबन्धन हेतु कार्यो की प्राथमिकता का तय करना जरुरी है।

2 विचार “सफलता हेतु प्राथमिकताओं को कैसे तय करना?&rdquo पर;

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