चित्र बनाना कैसे सीखे?

करके देखिये, कितना आनन्द है!

चित्र बनाना एक कला है। जीवन में चित्र बनाने का बहुत महत्व है। चित्रांकन से हमारी समझ व अनुभव बढ़ते है। चित्र बनाना स्वयं को गढ़ना है। चित्र बनाना सिखने हेतु निम्न प्रयोग सहायक है।
ऽ अपनी आंखों को 3-4 मिनिट के लिए बंद कीजिए। इस दौरान शांति से अपने मन में झाँकने की कोशिश कीजिए कि वहाँ कौन-कौन से रंग दिखाई देते हैं। अब आँखें खोलकर उन रंगों को कागज पर लगाइये।
ऽ अपने पसंदीदा जानवर में अपने चरित्र को दिखाइये जैसे आपके चेहरे एवं शरीर के हाव-भाव, आप क्या पहनते हैं, कौनसे रंग आपको पसंद हैं, आपके गुण-अवगुण क्या हैं, सबको जानवर मंे दिखाइये।
ऽ कल्पना कीजिये कि किसी ने जादू करके आपको चींटी बना दिया है। नन्हीं सी चींटी बन जाने पर अब आपको चीजे कैसी नजर आती हैं, इसका चित्रण कीजिये।
ऽ कमरे में बैठकर अपनी कल्पना से एक पेड़ का चित्र बनाइये। अब किसी पेड़ के सामने जाकर बैठिये और ध्यान से देखते हुए उस पेड़ का चित्र बनाइये। चित्र बना लेने के बाद दोनों पेड़ के चित्रों को देखिये कि दोनों में कितना अंतर है। यही गतिविधि आप किसी भी जीव या चीज के साथ भी कर सकते हैं।
ऽ ज्यामितिय आकारों जैसे वर्ग, आयत, त्रिभुज, वृत का ही इस्तेमाल करके चित्रण कीजिये। बिखरी हुई फूल-पत्तियों, टुकड़ों, गत्तों, कपड़ो की कतरन, प्लास्टिक, मिट्टी, पुरानी मैगजिन के फोटो आदि को चिपका कर चित्र बनाइये। आप चाहें तो ऐसी सामग्री से मूर्ति, कठपुतली आदि भी बना सकते हैं।
ऽ रात को आपने जो सपना देखा उसे चित्रित कीजिये।
ऽ अपने दादा-दादी या किसी दोस्त से कहानी सुनें और उस कहानी पर चित्र बनाएं। कहानी में हो रही घटनाओं को चित्रित करने की बजाय कहानी से आपने क्या सीखा या कहानी सुनते वक्त आपको कैसा महसूस हो रहा था? यह सब चित्रित करने की कोशिश करें। इस तरह आप कहानी की किताब भी बना सकते हैं।
ऽ अलग-अलग जगहों जैसे सब्जी-मण्डी, हलवाई की दुकान, बस स्टेशन पर जाकर अलग-अगल तरह की गंध को महसूस करें एवं उसको रंगों के माध्यम से दर्शाने की कोशिश करें।
ऽ अपने किसी दोस्त के साथ एक-एक कागज और पेन लेकर बैठिये। अब लगातार एक-दूसरे की ओखों में देखते हुए अपने मित्र के चेहरे  का चित्र बनाइये। इस प्रक्रिया के दौरान कागज की तरफ नहीं देखें। चित्र में अपने मन की भावनाओं व साथी के गुणों को भी चित्रित करने का प्रयास करें।
केवल ओखों से ही क्यों देखें, क्यों न देखें हाथ से, नाक से, कान से, पैर से, मन से… क्यों न देखें दुनियां को संपूर्ण अस्तित्व से।
(शिक्षान्तर द्वारा प्रकाशित पुस्तक रंग भरे जीवन में से साभार)

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6 विचार “चित्र बनाना कैसे सीखे?&rdquo पर;

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