माइकल जैकसन व बिरजू महाराज में अन्तर

पश्चिमी व पूर्वी नृत्य शैली में मूलभूत अन्तर है। भारतीय संगीत व नृत्य जीवन को आनन्दित करता है। भारतीय नृत्य जीवन में खुशी पैदा करते है। शास्त्रीय नृत्य जीवन में नये आयाम खोलते है। अन्तर्मन की प्रज्ञा को विकसित करते है। यह हमें जीवन से जोड़ती है।जबकि पश्चिमी नृत्य व्यक्ति को मदहोश करता है। यह स्वयं को भूलने की शैली है। जबकि पश्चिमी नृत्य अपने को सुलाने में मदद करते है। भारतीय संगीत मधुर होता है। जबकि पश्चिमी संगीत तीव्र ध्वनि उत्पन्न करता है। तभी तो माइकल जैकसन बहुत बड़े नर्तक होकर भी अवसाद के शिकार होते है। और बिरजू महाराज विपरित स्थितियों में भी हंसने में सक्षम होते है।
संगीत एवं नृत्य  भीतर को उघाड़ता है तो बदले में भी उधड़ने की खुशी मिलती है तो दूसरे में स्वयं से जुड़ने का आनन्द है। भारतीय नृत्य अन्त में ध्यान पैदा करते है। ईश्वर साक्षात्कार में सहायक होते है।
नृत्य जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता है। व्यक्ति नृत्य करते हुए पैदा होता है। माँ के गर्भ से आते हुए हाथ पाँव हिलाना ही नृत्य है। एवं नृत्य करते हुवे ही संसार से विदा लेता है। मरते वक्त छटपटाना नृत्य के अतिरिक्त क्या है? भारतीय देवों में लोकप्रिय देवता शिव सदैव नृत्य करते रहते है इसलिए उन्हें नटराज कहते है।
Birju Maharaj

3 विचार “माइकल जैकसन व बिरजू महाराज में अन्तर&rdquo पर;

  1. माइकल जैकसन बहुत बड़े नर्तक होकर भी अवसाद के शिकार होते है। और बिरजू महाराज विपरित स्थितियों में भी हंसने में सक्षम होते है।
    संगीत एवं नृत्य भीतर को उघाड़ता है तो बदले में भी उधड़ने की खुशी मिलती है तो दूसरे में स्वयं से जुड़ने का आनन्द है। भारतीय नृत्य अन्त में ध्यान पैदा करते है। ईश्वर साक्षात्कार में सहायक होते है।

    kitni sach aur sunder baat hai!!!

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