श्रेष्ठ उपहार कौनसा है?

उपहार एक साधन है जिसके द्वारा आप अपने प्यार को व्यक्त करते है। इस हेतु अधिक धन नहीं, भावनाएं, दिल, मन व समय चाहिए।
तोहफे की कोई कीमत नहीं होती है, यदि वह मन से दिया गया है। मतलब से तोहफे देना तो रिश्वत है। अर्थात तोहफे में उसकी पीछे देने की भावना का महत्व है। उपहार दर्शन का क्षेत्र है, लेकिन उसके पीछे का मनोविज्ञान बडा़ गूढ़ है। मायावती अपने जन्मदिन पर मंहगंे उपहार जबरन चेलों के माध्यम से लेती है।
प्यार प्रदर्शित करने हेतु मंहगें उपहार देना जरुरी नहीं है।अपनी रचनात्मकता के आधार पर नया कुछ सृजन करें। कल्पना शक्ति का प्रयोग कर स्वयं हाथ से कुछ बनाए, लिखे, बुने।ऐसा उपहार आपके प्यार को व्यक्त करता है। मात्र बाजार से खरीदना महंगा आईटम उपहार में देना ठीक नहीं है।यह आपकी दौलत का प्रदर्शन है। यह एक नीरस अनुष्ठान नहीं है।
मैं तो  पुस्तक देना पसंद करता हूँ ।

8 विचार “श्रेष्ठ उपहार कौनसा है?&rdquo पर;

  1. आप ठीक कहते हैं। मायावती अपने गुर्गों से बेश कीमती उपहार प्राप्त करती है और बदले मे मायावती उनके गलत क्रिया कलापों को प्रश्रय देती है।आज की राजनीति का चेहरा बहुत विकृत हो चुका है। उपहार में किताबें देना बडी अच्छी बात है लेकिन किताबे पढने वाले लोग ढूढना बडा कठिन काम है।

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