ब्लोगिंग क्या है?

ब्लोगिंग साहित्य, पत्रकारिता व निजी डायरी का मिश्रित रुप ह,ै थोड़ा भेल पुरी सा एवं बारह मसालों की चाट है। इसमें कभी साहित्य होता है, कभी इसमें पत्रकारिता है तो कभी निजी डायरी जैसा है।

जब ब्लंाग में कविता, कहानी, गजले, संस्मरण, जीवनी है तो यह साहित्य है। जब घटनाओं का वर्णन, प्रभाव व चर्चा हो तो यह पत्रकारिता के करीब है। जब विशुद्ध व्यक्तिगत संस्मरण,आकलन, प्रभाव व बात का जिक्र हो तो ब्लांग निजी डायरी बन जाता है

। ब्लांग में आपबीती है, जगबीती है, मन का खेल है, स्वप्न की उड़ान है, हँसी-मजाक है, गूढ़-गम्भीरता है, कहीं रहस्य है तो कहीं छिछोरापन है। मनमौजी पन की सभी हदें पार है, तो दूसरी तरफ बन्धन है।इसे किसी सीमा में बांधना कठिन है यह सब है और सब के पार है ।

ब्लोगिंग चू चू का मुरब्बा न होकर चटपटी नमकीन है जिसे हर कोई पसन्द करता है।साथ ही यह कहना गलत नहीं होगा कि सभी ब्लागर शिवजी के बाराती है।

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13 विचार “ब्लोगिंग क्या है?&rdquo पर;

  1. यह कहना गलत नहीं होगा कि सभी ब्लागर शिवजी के बाराती है

    बिल्कुल सही!
    जयन्ती जी, आपने तो हिन्दी ब्लागिंग का सार तत्व ही निकाल दिया :)

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