क्या ब्लाग मे झूठ लिखना चाहिये ?

ब्लाग लिखते समय जब अ़पने अनुभव लिखो तब झूठ न लिखो। वरन पाठक का सिक्स सेन्स पकड लेगा। अन्यथा लेखन को रोचक बनाना हर तरह से जायज हैं। धटना को अभिव्यक्त करने उसके शीर्षक को रोचक बनाना भी उचित हैं। ब्लाग में रूचिकर चित्र लगाना श्रेष्ठ है वरन असंगत चित्र नहीं लगाना है।

पाठकों को धोखा नहीं देना है। पाठकों को कमजोर व बेवकूफ न समझो , न बनाने की कोशिश करों। आनलाइन पाठक एक क्लिक से जा सकता है एवं हमारा झूठ तुरन्त ही पकड़ सकता है। वह नेट से जुडा हुआ है, उसके पास ढे़र सारी सामग्री है। सभी तरह के विकल्प खुले है। हमें पढना किसी की मजबूरी नहीं है। अतः अनुभव संबधित सत्य लिखो । दूसरी तरह के लेखन में कल्पना कर अन्यथा लिखना उचित हैं। ब्लाग लेखन का उद्देशय ही पाठक को ऐन केन प्रकारेण समृद्व बनाना हैं।ं

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4 विचार “क्या ब्लाग मे झूठ लिखना चाहिये ?&rdquo पर;

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