हमारी भूतपूर्व प्रधानमंत्री इदिंरा गाँधी की रोल माॅडल जाँन आॅफ आर्क थी। वह अपने कठिन समय में इसी से प्रेरणा प्राप्त करती थी। फ्रँास का ब्रिटेन से एक सौ वर्षाें से युद्ध चल रहा था। दोनों देशों का जन-जीवन तबाह हो चुका था। ऐसे में एक साधारण किसान की अनपढ़ लड़की ने युद्ध की निरर्थकता [...]
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19 फ़र
आपका मस्तिष्क दुनिया का सबसे बड़ा सुपर कम्प्यूटर
विश्व के सबसे बड़े सुपर कम्प्यूटर का मालिक अमेरिका नहीं है। विश्व के सबसे बड़े सुपर कम्प्यूटर के मालिक आप हैं। यह आपके बालों के ठीक नीचे है। फिर भी हमारी हालत दयनीय क्यों है ? क्योंकि इस सुपर कम्प्यूटर को आॅपरेट करना हमको नहीं आता है, और यह यंत्र हमें चलाने वाला बन गया [...]
9 जन
आप कृष्ण से बेहतर है!
आपकी स्थिति कृष्ण से बेहतर है!अरे! हॅसने की जरुरत नहीं है। इसके लिए श्री कृष्ण के जीवन से अपने जीवन की परिस्थिति की तुलना करने की जरुरत है। हमारे में से किसे का जन्म जेल में नहीे हुआ। जबकि योगेश्वर कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था। उनके मां बाप दोनों राजा होकर कंस के वहाँ बन्दी [...]
21 दिस
एकाग्रता बढ़ाने की पतंजलि की विधि
एकाग्रता बढ़ाने की यह प्राचीन पद्धति है। पतंजलि ने 5000 वर्ष पूर्व इस पद्धति का विकास किया था। कुछ लोग इसे ‘त्राटक’ कहते हैं। योगी और संत इसका अभ्यास परा-मनोवैज्ञानिक शक्ति के विकास के लिये भी करते हैं। परन्तु मैने दो वर्ष तक इसका अभ्यास किया और पाया कि एकाग्रता बढ़ाने में यह काफी उपयोगी [...]
14 दिस
वेब दुनिया में इस ब्लाग की चर्चाःरूको मत ,जब तक लक्ष्य हासिल न कर सको
यह पँचासवी पोस्ट हैं। इस अवसर पर हिन्दी के नामी पोर्टल वेब दुनिया में प्रकाशित ब्लोग की खबर को ही पुनः पहुँचाना चाहता हूँ। रविन्द्र व्यास ने रूको मत ,जब तक लक्ष्य हासिल न कर सको के नाम लिखा हैं। Link for Web Duniya : http://hindi.webdunia.com/samayik/article/article/0908/27/1090827135_1.htm
28 नव
हेलेन केलर की सफलता रहस्यः लक्ष्य तय करने पर अपंगता भी सहायक
विन्सटन चर्चिल ने हेलेन केलर को हमारे युग की सबसे बडी औरत कहा हैं। हेलेन केलर अन्धी व बहरी होकर बहुत सफल जीवन जीती है एक दर्जन से अधिक पुस्तके लिखी एवं सारी दुनिया में प्रेरक गुरू के रूप में जानी जाती रही । जिसे 3 वर्ष एक शब्द सीखने में लगते हैं। वह 2बार [...]
10 नव
आत्मछवि बदले और अपने भाग्य विधाता बने
मेरे मित्र राज बापना ने उठो जागो देखकर पुछा कि 250 पेज की क्र्रति का सार एक वाक्य में बताओ ?तब में सोच में पड गया और थोडी देर बाद बताया कि मैने इस पुस्तक मे आत्म छवि बढाने के बारे में लिखा है । सफलता प्राप्ति का जनक आत्मछवि है ।हम अपने मन में [...]
30 अक्टू
अमेरिकी प्रसिद् प्रेरक गुरु जिग जिगलर की कृति `शिखर पर मिलेगे`
सफलता के शिखर पर चढने का मार्ग क्या हैं? उठो ! जागो! लिखने के क्रम में कुछ प्रमुख प्रेरक गुरूओं का साहित्य पढने का अवसर मिला कई किताबे उनमे से आज भी सार्थक लगती है।सफलता प्राप्ति हेतू 20सहायक पुस्तकों की सूची जो मेंने उठो जागो में दी हैं उसमें से प्रत्येक की समीक्षा करने का [...]
15 अक्टू
सकारात्मकता होने हेतु : नकारात्मता के आयाम का ज्ञान आवश्यक
नकारात्मकता को पहचाने बिना उसे सकारात्मकता में नही बदला जा सकता है। नकारात्मकता क्या है ? इसे समझने हम अपने महाकाव्यों में झांकते हैं। रामायण के युद्ध के पीछे क्या कारण है ? लक्ष्मण भैया द्वारा शूर्पनखा की नाक काटना है। नाक काटना अर्थात किसी प्रकार की शारीरिक हिंसा सकारात्मक नहीं हो सकती। सारा जगत [...]
22 सित
कैसे अवचेतन मस्तिष्क ने मुझे सहयोग किया ?
मैंने अपने अवचेतन मन का उपयोग अनजाने में ही सन् 1978 में किया । जब मैं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ता था। मेरी बचपन में मँगनी हो गई थी। मेरा परिवार शादी करने हेतु मुझ पर दबाव डाल रहा था। मेरी माँ को उच्च रक्तचाप था। पिताजी सामाजिक दबावों से व्यथित थे। इन्हीं कारणों से, [...]

