Posts Tagged ‘लेखक’

सफलता पाने हेतु भीतर संकल्पशक्ति बढ़ाए

इस प्रसंग में एक कहानी याद आती है। एक बार गौतम बुद्ध अपने शिष्यों के साथ किसी पर्वतीय स्थल पर ठहरे थे। शाम के समय वह अपने एक शिष्य के साथ भ्रमण के लिए निकले। दोनों प्रकृति के मोहक दृश्य का आनंद ले रहे थे। विशाल और मजबूत चट्टानों को देख शिष्य के भीतर उत्सुकता जागी। उसने [...]

Continue reading »

अपनी जिम्मेदारी का बोध कराता आमिर खान का शो सत्यमेव जयते

आमिर खान द्वारा तैयार टेलीविजन शो सत्यमेव जयते अपने नाम के अनुरूप सार्थक है । यह एक तरह का फोटो निबन्ध है । इसमें हमारे समाज की एक समस्या को उठाना, उसकी भूमिका बनाना, पीडित व्यक्तियों को खोज कर शो में लाना, प्रसंग सहित व्यक्तियों के दर्द को दिखाना, समस्या की गंभीरता को सांख्यिकी के [...]

Continue reading »

घर व मकान में क्या अन्तर है एवं मकान को घर कैसे बनाए ?

मकान ईंट, सीमेन्ट व पत्थर से बनता है, जबकि घर परिवार के सदस्यो के बिच स्नेह एवं संबंध से बनता है । जहां पर सुरक्षित व अपनत्व महसूस करते है उसे घर कहते है । घर से हम संबंधित होते है जहां हमारे माता-पिता, चाचा-ताउ, भाई-बहन व बच्चंे रहते हैं, उसे घर कहते है । [...]

Continue reading »

योगी कथामृत :परमहन्स योगानन्द की आत्मकथा

योगी कथामृत एन आॅटोबायोग्राफी आॅफ योगी का हिन्दी अनुवाद है । बीसवीं सदी की अध्यात्म की सौ प्रसिद्ध पुस्तकों में से यह एक है । यह योगदा सत्संग के प्रणेता परमहन्स योगानन्दजी की जीवनी है । इसमें उनके जन्म से लेकर योगदा की स्थापना तक का वर्णन सरल भाषा में किया हुआ है । बचपन [...]

Continue reading »

विवाह क्या हैं?

विवाह का अर्थ विशेष उत्तरदायित्व ग्रहण करना है। यह एक शौक, मजबूरी, परम्परा, समझौता एवं बंधन नहीं है। यह स्वयं की अपूर्णताओं को पूरा करने का अवसर है। अपनी विशेषताओं को जीने व अधुरेपन को भरने का मौका है। यह दो शरीरों को मिलन नहीं है। यह दो आत्माओं का पूर्णता की तरफ बढ़ने का [...]

Continue reading »

ब्लोगिंग और माइक्रो ब्लोगिंग में से किसे अपनाना चाहिए व क्यों?

ब्लोगिंग और माइक्रो ब्लोगिंग में क्या अन्तर है? ब्लोगिंग एक तरह से डायरी लिखना है जहाँ हम अपने विचार, अनुभव व सोच को विस्तार से लिख सकते है। इसमें चित्र व संगीत भी जोड़ा जा सकता है। इसमें शब्दों की कोई सीमा नहीं हैै। माइक्रो ब्लोगिंग में विचार, प्रतिक्रिया एवं अनुभव को सीमित शब्दों में [...]

Continue reading »

ब्लॉग लेखन में अनुच्छेदों( paragraphs) को कैसे जोड़ना

लेखन में धारा प्रवाहिकता जरूरी है। इस तरह लिखें कि पाठक की जिज्ञासा निरन्तर आगे पढ़ने की बनी रहे। उसे सन्तोष नहीं मिलना चाहिए। आगे पढ़ने की जिज्ञासा बनी रहें, प्यास बनी रहे। ऐसा लेखन होना चाहिए। सरस, सरल व सम्बन्धित बात धीरे-धीरे आगे बढ़े तो पाठक का  पढ़ने का रस बना रहता है।पाठक लेखों [...]

Continue reading »

लक्ष्य प्राप्ति में बाधा आसक्ति की हैः आसक्ति ने अवचेतन की दिशा बदल दी जिसने मुझे आई ए एस नहीं बनने दिया

मैं जवाहरलाल नेहरु विश्व विद्यालय मंे रहकर तीन वर्ष तक आई ए एस की तैयारी करता रहा।समय पर परीक्षा भी दी लेकिन सफलता नहीं मिली। आज इतने अनुभव के बाद उसका एक कारण समझ में आता है। अत्यधिक आसक्ति के कारण परीक्षा की तैयारी के बजाय मेरा अवचेतन मन भय, आंशका, चिंता  में लगा रहता [...]

Continue reading »

टीवी सिरिअल व फिल्म की पटकथा कैसे लिखे?

मनोहर श्याम जोषी  की प्रसिद्ध कृति: पटकथा लेखन एक परिचय यह हिन्दी में पटकथा लेखन पर सर्वश्रेष्ठ कृति है। इसमें पटकथा के सभी अंगोे का विस्तृत उदारहण सहित वर्णन है। पटकथा लिखने से पूर्व इसको पढ़ना बहुत जरुरी है। इसमें फिल्म की पटकथा एवं टीवी धारावाहिको की पटकथा पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। फिल्म मेकिंग, फिल्म [...]

Continue reading »

महान लेखक कैसे बनना?

लेखक बनने का रहस्य:तेजी से प्रतिदिन लिखे लेखक बनने हेतु नियमित व प्रतिदिन लिखना जरुरी है। रविवार या छुट्टी के दिन लेखन जारी रहना चाहिए। लेखक को प्रतिदिन का कोटा जैसे दो हजार शब्द या काई भी मात्रा तय कर उसके अनुसार उसको पूरा होने तक लिखें। इस तरह नियमित लेखन की आदत बनती है। [...]

Continue reading »

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 431 other followers