मेरे प्रभु, तेरे चरणों में पहुँचे मेरी यह प्रार्थना दूर कर दो, प्रभु, मेरे ह्नदय की क्षुद्रता, दो मुझे शक्ति सहज भाव से अपने आनंद और विषाद सहने की। दो मुझे शक्ति जिससे मेरा अनुराग तेरी सेवा में सुफल हो। प्रभु, ऐसी शक्ति दो मुझे कि दीनजन से किसी विमुख न होऊँ मैं ऐसी शक्ति [...]
Posts Tagged ‘धन्यवाद’
3 मई
तन्त्र पर फिलिप राॅसन की प्रसिद्ध पुस्तक-’’द आर्ट आॅफ तन्त्र’’
’’द आर्ट आॅफ तन्त्र’’ की विषयवस्तु तन्त्र के द्वारा जीवन-ऊर्जा के रूपान्तरण से संबंधित है । इसमें बताया गया है कि तन्त्र अध्यात्म से कैसे जुडा हुआ है ? तन्त्र के द्वारा जीवन ऊर्जा का रूपान्तरण हो सकता है, यह अच्छी तरह समझाया हुआ है । तन्त्र यौन-ऊर्जा को ब्रह्माण्डीय एवं रचनात्मक ऊर्जा मानता है [...]
7 अप्रै
महावीर जयन्ती की हमारे जीवन में प्रासंगिकता
आज महावीर जयन्ती है । हम सबको उनकी जीवन में उपयोगिता पर विचार करने की जरूरत है । महावीर जयन्ती तो हम 30-40-50 वर्षों से मनाते आए है । प्रभात फेरी, स्वामी वत्सल, संतों के दर्शन, पूजन-पाठ करते आ रहे है । लेकिन हम वहीं के वही है, वैसे ही है जैसे थे । फिर [...]
17 नव
आज के जीवन में कृष्ण की प्रांसगिकता
कृष्ण सबसे बड़े प्रेरणा के स्रोत्र है। कृष्ण जीवन गुरु है। वे जीवन प्रबन्धन की ही नहीं जगत प्रबन्धन की विद्या बताते है। कृष्ण महाभारत के नायक, सूत्रधार, कर्मयोगी है। हमें जगाने मे ंसमर्थ है। आज को भाषा में कहे तो प्रबन्ध गुरु, कुटनीतिज्ञ व महामानव है। वे हर स्थिति में जीने की कला सीखाने [...]
23 जुला
मित्र की बात सुनने के पूर्व ३ परीक्षण करके सुने ताकि मित्रता बनी रहें
इस पर मुझे सुकरात की बात याद आती है। एक बार सुकरात का एक परिचित मिला और उससे कहने लगा कि मैंने आपके दोस्त के बारे में अभी-अभी कुछ सुना है। क्या आप जानते है? सुकरात ने कहा एक मिनट रुको मेरे मित्र के बारे में आप कुछ कहने जा रहे है। तो आपको तीन परीक्षण [...]
26 मई
सफलता पाने हेतु पेशे अनुरूप व्यवहार व भाषा जरूरी
हमें अपने पेशे के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए एवं उसी अनुसार भाषा बोलनी चाहिए। दूसरों से जुड़ने में भाषा की बड़ी भूमिका है। तभी तो कहां जाता है कि मीठी वाणी बोलनी चाहिए। वैसे हर पेशे की अपनी विशेषताएँ एवं सीमाएं होती है। पुलिस का व्यवहार व उसकी भाषा व डाॅक्टर के व्यवहार व भाषा [...]
7 मार्च
बेटा और बेटी में क्या अन्तर है:महिला दिवस की शुभकामनाए
बेटा वारिश है तो बेटी पारस है, बेटा वंश है तो बेटी अंशहै, बेटा आन है तो बेटी षान है, बेटा तन है तो बेटी मन है, बेटा मान है तो बेटी गुमान है, बेटा आग है तो बेटी बाग है। बेटा संस्कार है तो बेटी संस्कृति है, बेटा दवा है तो बेटी दुआ है, [...]
5 नव
दीपावली शुभ हो!
तमसो मा ज्योतिर्गमय आपके मन का अंधकार दूर हो उर में उल्लास हो यही है प्रार्थना मेरी। स्वयं उन्नत हो दूसरों की उन्नति मंेसहायक हो शुभ दीपावली! Related Posts: विज्ञान के आलोक में दीपावली अभिनन्दनः अर्थ, प्रयोजन एवं सार्थकता ज्योति पर्व दीपावली जीवन एक अनुपम उपहार है दीपावली के लौकिक कार्यों के पीछे अध्यात्म अस्तित्व आपके लक्ष्यों को पुरा [...]
14 सित
सफलता पाने हेतु घृणा करने से कैसे बचें?
सफलता पाने हेतु घ्रणा को त्यागना जरुरी हें क्योंकि मेरी नफरत पहले मुझे डुबाती है। हम प्रायः कर स्वयं का ही नुकसान करते है। घृणा करने से भावनायें खराब हो जाती है। हमारी मानसिक अवस्था संतुलित नहीं रहती है। घृणा पहले उसे करने वाले को खाती है। घृणा जिससे की जाती है उसको तो घृणा [...]
27 मार्च
श्रेष्ठ उपहार कौनसा है?
उपहार एक साधन है जिसके द्वारा आप अपने प्यार को व्यक्त करते है। इस हेतु अधिक धन नहीं, भावनाएं, दिल, मन व समय चाहिए। तोहफे की कोई कीमत नहीं होती है, यदि वह मन से दिया गया है। मतलब से तोहफे देना तो रिश्वत है। अर्थात तोहफे में उसकी पीछे देने की भावना का महत्व [...]

