‘‘रिलैक्स कैसे रहें’’ नामक पुस्तिका उपलब्ध है। उक्त पुस्तिका को आप डाउनलोड माई बुकलेट्स के टेग से डाउनलोड कर सकते है। छपी हुई पुस्तक आप मुझसे मंगवा भी सकते हंै।
विश्राम करने एवं विश्राम में रहने की कला इस में बताई हुई है । जीवन में मात्र धन कमाने की कला से ही काम नहीं चलता है । हम धन व यश के पीछे भागने के उपक्रम में थक जाते है। इसमे थकान व तनाव को मिटाने की कला इसमें दी हुई है । इसमें रिलैक्स होने के पांच व्यावहारिक उपभोग बताएं हुए हैः-
1. गहरी नींद लें
2. कार्य को ध्यान बनाये
3. जीवन-शैली में परिवर्तन करें
4. योग निद्रा का प्रयोग करें
5. माइण्ड मशीन द्वारा रिलैक्स होऐं
विश्राम एक मन की अवस्था है । इसमें शान्त रहते हुए भी आप तेजी से दौड़ सकते हैं एवं अधीर एवं व्याकुल होकर विस्तर पर लेट सकते है । अशान्त होकर आप अपनी क्षमता का ह्रास करते हैं जबकि विश्राम करते वक्त आप एकाग्र ही नहीं बल्कि गहरे एवं पैने भी होते है।
हम समस्याओं के कारण थके हुए, निराश एवं तनावग्रस्त नहीं हैं । बल्कि हमारे थके होने, निराश एवं तनाव ग्रस्त होने के कारण समस्याऐं हैं । अगर हम शान्त होने की कला सीख ले तो थकान नहीं लगेगी ।
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