भावनात्मक असंतुलन की दशा में स्नायविक संस्थान में निम्न संकेत होते है।
- त्वचा जब जगे झनझनाने
- तन जायें जब पेशियाँ और पीड़ा करे प्रदान
- गर्दन जाये अकड़ जब और आये कलेजा मुँह को
- पत्थर-से प्रतीत होने लगें जब उदर में
- आन्त्रिक संस्थान में क्रिकेट
- आन्त्रपुच्छ का जब उखड़े मिजाज
- उदर जब कराये हवाई सैर
- आये डकार जब दूसरा चैंक जायें
- भावावेश करे जब रक्त-धमनियों का शिकार
- कांकालिक पेशियाँ जब नृत्य करे


Posted by tejpal on जनवरी 27, 2012 at 9:24 अपराह्न
bahut achche sir
dhama