एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जाॅब्स द्वारा वर्ष 2005 में दिए एक भाषण से
बड़े काम करने का एक ही रास्ता है कि जो आप कर रहे हैं, उससे आपको प्यार हो। अगर यह आपको अभी तक नहीं मिला है, तो खोजते रहिए, संतुष्ट मत होइए।
मैं क्यों आगे बढ़ सका?
मैंने जो किया, प्रेम से किया। जिसे आप प्यार करते हैं, आपको उसकी खोज करनी पड़ती है, यह बात कार्य और प्रेमियों पर भी लागू होती है।
मैं भाग्यशाली था, मैंने वो पाया, जो मैंने अपने शुरुआती जीवन में करना चाहा। वोज और मैंने अपने अभिभावक के गैराज में एप्पल की शुरुआत की, जब मैं 20 साल का था। हमने कड़ी मेहनत की और 10 साल में एप्पल महज हम दोनों और गैराज से बहुत आगे बढ़कर 2 अरब डाॅलर और 4000 कर्मचारियों की कंपनी में बदल गया। एक साल पहले हमने अपनी श्रेष्ठ कृति ‘‘द मेकिन्टोश’’ को जारी कर दिया था, तब मैं 30 साल का ही हुआ था और मुझे कंपनी से निकाल दिया गया।
आप उस कंपनी से कैसे निकाले जा सकते हैं, जिसे आपने ही शुरु किया हो? जब एप्पल बढ़ा हमने एक ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रखा, जिसे मैंने अपने साथ कंपनी चलाने के बेहद योग्य समझा था। पहले साल सारी चीजें ठीक रहीं, उसके बाद भविष्य के बारे में हमारे दृष्टिकोण अलग होने लगे, आखिरकार बाहर गिरावट आने लगी। हमारे बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स ने उसका पक्ष लिया, अतः 30 की उम्र मंे मैं बाहर हो गया। सार्वजनिक रूप से बाहर हो गया। मेरी युवा जिंदगी का जो फोकस था, वह चला गया। यह विनाशकारी था।
कुछ महीनों तक मैं सचमुच नहीं जानता था कि क्या करुं। मुझे महसूस हुआ, मैंने उद्यमियों की पूर्व पीढ़ी को निराश किया है। जब छड़ी मुझे थमाई जा रही थी, तब मैंने उसे गिरा दिया था। मैं डेविड पेकार्ड और बाॅब नोएस से मिला और खेद जताने की कोशिश की। मैं सार्वजनिक रूप से विफल था और मैंने सिलिकन वैली से निकल भागने के बारे में भी सोचा। लेकिन धीरे-धीरे मेरी समझ में कुछ आने लगा। जो मैंन किया था, उससे मुझे तब भी प्यार था। एप्पल में घटनाक्रम नहीं बदला था। मैं खारिज किया जा चुका था, लेकिन तब भी मुझे काम से प्यार था और मैंने शुरुआत करने का फैसला किया। तब मुझे यह महसूस नहीं हुआ था, लेकिन बाद में मुझे लगा कि एप्पल से निकाला जाना मेरे लिए बहुत अच्छा था। सफल होने के भार की जगह को फिर शुुरुआत करने के हल्केपन ने भर दिया। इससे मुझे जीवन के सबसे सृजनात्मक अध्यायों में प्रवेश करने की आजादी मिली।
अगले पांच वर्षों में मैंने नेक्स्ट नाम की कंपनी शुरु की, एक अन्य कंपनी पिक्सार की शुरुआत हुई और मैं एक अद्भुत महिला के प्रेम में पड़ा, जो बाद में मेरी पत्नी बनी। पिक्सार ने दुनिया की पहली एनिमेटेड फीचर फिल्म ‘टाॅय स्टोरी’ का निर्माण किया। यह आज दुनिया का सबसे सफल एनिमेसन स्टुडियो है। घटनाक्रम में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया। एप्पल ने नेक्स्ट को खरीद लिया, मैं एप्पल में लौट आया। नेक्स्ट में हमने जो तकनीक विकसित की, वह आज एप्पल के पुनर्जागरण के ह्नदय में विराजमान है। लाॅरेस और मैं, दोनों एक शानदार परिवार हैं।
मैं बिल्कुल आश्वस्त हूं, ऐसा कुछ भी नहीं हो पाता, अगर मुझे एप्पल से नहीं निकाला जाता। यह खराब स्वाद वाली दवा थी, लेकिन मेरा अनुमान है, मरीज को इसकी जरुरत थी। कभी-कभी जिंदगी ईंट से आपके सिर पर प्रहार करती है। विश्वास मत खोइए। मैं आश्वस्त हूं, केवल एक चीज ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की है, वह यह है कि मैंने जो भी किया, प्रेम से किया। जिसे आप प्यार करते हैं, आपको उसकी खोज करनी पड़ती है और यह आपके कार्य के लिए जितना सच है, उतना ही आपके प्रेमियों के लिए भी। आपके कार्य आपके जीवन के बड़े हिस्से को भरने जा रहे हैं और संतुष्ट होने का एक ही रास्ता है, वही कार्य कीजिए, जिसके बहुत अच्छा होने का आपको विश्वास है।
बड़़े काम करने का एक ही रास्ता है कि आप जो कर रहे हैं,उससे आपको प्यार हो। अगर यह आपको अभी तक नहीं मिला है, तो खोजते रहिए। रुकिए मत। जब आपको वह मिलेगा, तो आपको तहे दिल से यह पता चला जाएगा। और बिल्कुल किसी महान रिश्ते की तरह, जैस-जैसे साल बीतते जाएंगे, यह बेहतर और बेहतर होता जाएगा। इसलिए, खोजते रहिए, जब तक आपको मिल नहीं जाता। रुकिए मत।
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