राॅन्डा बर्न की चर्चित कृति ‘‘द सीक्रेट’’ इस सदी की प्रेरक किताबों में से एक है। इसमें सकारात्मक विचारों एवं भावनाओं द्वारा ही हम आगे बढ़ते है। इस रहस्य का वर्णन अमेरिका के प्रसिद्ध लेखकांे, उपदेशकों व विचारकों ने मिलकर किया है। जिनमें से जाॅन असाराफ, बेकविथ, ली ब्रोअर,जैक कैनफील्ड, डाॅ. जाॅन डेमार्टिनी, मैरी डायमंड, माइक डूली, बाॅब डाॅयल, डाॅ, जाॅन ग्रे, डाॅ. जाॅन हेजलिन, बिल हैरिस, डाॅ. बेन जाॅनसन, बाॅब प्राॅक्टर, जेम्स रे, डाॅ. जो विटाल, डाॅ. डेनिस वेटली, नील डोनाल्ड वैल्श और डाॅत्र फ्रेड एलन वोल्फ शामिल हैं। 
ऽ इन सभी विद्वानों ने अपने खुद के अनुभव एवं विचार प्रकट पुस्तक में किए है। यह एक अनुठा प्रयास है। पुस्तक में लिखा है कि
ऽ आप मानवीय ट्रांसमिशन टाॅवर की तरह हैं और अपने विचारों से फ्रीक्वेन्सी प्रसारित कर रहे हैं। अगर आप अपनी जिंदगी में कोई चीज बदलना चाहते हैं, तो अपने विचार फ्रीक्वेन्सी बदल लें।
ऽ आपके विचार वस्तुएँ बन जाते हैं।
ऽ आपके जीवन में जो भी चीजें आ रही हैं, उन्हें आप अपने जीवन में आकर्षित कर रहे हैं। और वे उन तस्वीरों द्वारा आपकी ओर आकर्षित हो रही हैं, जो आपके मस्तिष्क में है। यानी जो आप सोच रहे हैं।
ऽ आपके मस्तिष्क में जो भी चल रहा है, उसे आप अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। मनोभाव-परिवर्तक, जैसे सुखद यादें, सुंदर प्राकृतिक दृश्य या आपका पसंदीदा संगीत आपकी भावनाओं को बदल सकते हैं और पल भर में आपकी फ्रीक्वेन्सी बदल सकते हैं।
पुस्तक की छपाई एवं प्रिन्टिंग बहुत अच्छी है। आर्ट पेपर पर है। लेखक राॅन्डा बर्न ने इन सब सहलेखकों के अनुभवों को एक फिल्म भी बनाई है। इसे www.thesecret.tv पर देखा जा सकता है। इसकी सीडी भी उपलब्ध है। उक्त कृत्ति का हिन्दी अनुवाद मंजुल पब्लिशिंग हाउस ने छापा है।
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Posted by HARRY SIDHU on अगस्त 28, 2011 at 7:26 पूर्वाह्न
VERY NICE 4 LIFE……THNXXX ” GURU JI”……….
Posted by upendradubey on अगस्त 29, 2011 at 8:05 पूर्वाह्न
अच्छी जानकारी दी है आपने …
Posted by Anand Devram Gorde on अगस्त 30, 2011 at 4:22 अपराह्न
Good……………….
Posted by प्यार और घाटे के बारे में…..स्टीव जोब्स की दूसरी कहानी « उठो! जागो! on अक्टूबर 17, 2011 at 9:03 पूर्वाह्न
[...] [...]
Posted by RADHE on अक्टूबर 19, 2011 at 10:44 पूर्वाह्न
THANKS SIR HELPFUL INFORMATION TO ACHIVE OUR GOAL
Posted by VPKANARA on अक्टूबर 29, 2011 at 2:09 अपराह्न
आपका धन्यवाद!
मेँ बहुत नकारात्मक सोचता था,छोटी-छोटी बातोँ को लेकर चिँत ही किया करता था अब मेँ अपना यह पथ बदल दुँगा|
THANK U SIR!
Posted by manojmama on जनवरी 19, 2012 at 6:20 अपराह्न
good book
Posted by shubham on जनवरी 19, 2012 at 7:59 अपराह्न
sir, pehle me padhne me bohathi accha tha par 10th bord ke exam ke baad to me apna confident hi kho chuka hu me kitnahi padh lu hamesha second class hi aata hai muze pata hi nahi chal raha hai ki etna sab padhne ke baad bhi kam mark kyu aate hai…………….plz sir meri prolm solve karo….