उठो! जागो!

लक्ष्य की प्राप्ति तक रूको नहीं! -जयन्ती जैन

सफलता पाने हेतु विश्राम से प्राणऊर्जा कैसे बढ़ाएं?

3s टिप्पणियाँ

प्राणऊर्जा प्राप्त करने का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत विश्राम है। हम विश्राम के द्वारा ही स्वयं को संतुलित एवं समायोजित करते है। हम खोई हुई ऊर्जा की प्राप्ति विश्राम से ही करते है। कार्य के दौरान् विश्राम जरुरी है। विश्राम के दौरान् हम अपनी ऊर्जा को संरक्षित व सुरक्षित करते है।

तभी तो योगासन के बाद शवासन कराया जाता है। अन्ततोगत्वा सारी ध्यान विधियाँ विश्राम की ही विधियाँ है। नींद विश्राम का ही एक उपाय है। हम सोने पर तरोताजा होते है। मोक्ष भी एक प्रकार से विश्राम की ही अवस्था का दूसरा नाम है।

विश्राम के उपाय:

  •  कार्य के दौरान भी विश्राम करना आना चाहिये । हम तनाव से ग्रस्त न हों और पूरे दिन काम करने की क्षमता बनी रहे इसके लिए उचित अनुपात में विश्राम जरुरी है। हमारा शरीर और दिमाग अपनी पूरी सामथ्र्य शक्ति तक ठीक ढंग से काम कर पाए इसके लिए सही अनुपात में विश्राम बहुत जरुरी है।इसलिए क्रियाशीलता और विश्राम के बीच एक सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरुरी है। हमारा ह्नदय प्रत्येक धड़कन के बाद विश्राम करता है, तभी यह अनेक वर्षों तक हमें जीवित रखता है।नेपोलियन युद्ध के मैदान में भी घोड़े पर बैठे-बैठे विश्राम कर लेता था। तभी वह सबसे बड़ा योद्धा हुआ है। महात्मा गांधी भी दस-पन्द्रह मिनट की नींद लेकर ताजा हो जाते थे।
  •  नींद विश्राम का सबसे बडा स्रोत है । गहरी नींद उसके लिये जरूरी है ।अतः आवश्यक नींद लें ।
  •  प्रकृति के साथ समय बितायें । खुले में शान्ति से धूमे ।
  •  रूचिप्रद कार्य करें ताकि थकान न लगें ।

आज बहुत बड़ी विडम्बना है कि भागदौड भरी जिन्दगीं में मनुष्य विश्राम करना भूल गया है। जल्दबाजी भी विश्राम की शत्रु हैै। आज के अस्सी प्रतिशत व्यक्ति जल्दबाजी के कारण तनाव ग्रस्त है और उसके कारण विश्राम नहीं कर पाते है , उल्टा तनाव बढ जाता है । अतः विश्राम के लिये योजना बना कर समय निकालें । जीवन को उर्जावान बनाये रखनें हेतू इसे प्राथमिकता दें ।

Related Posts:

जोर से हंसीए , तनाव स्वत भाग जायेंगे

आपकी शक्तिः आपका मस्तिष्क

गाय दूध नहीं देती बल्कि प्रयत्नपूर्वक बूंद-बूंद निकालना पड़ता

सफलता पाने हेतु भोजन से प्राणऊर्जा कैसे प्राप्त करें?

सफलता पाने हेतु प्राणऊर्जा कैसे विकसित करें?

About these ads

Author: jayantijain

Jayanti Jain has risen to his present position as an author of India's Hindi best seller "Utho Jago" from a very ordinary village with a population of 450 only where there was not even a school. From there he reached Jawaharlal Nehru University, Delhi and got selected in Provisional Civil Services. Presently he is working as Deputy Commissioner in Sales Tax Department in Rajasthan.

3 thoughts on “सफलता पाने हेतु विश्राम से प्राणऊर्जा कैसे बढ़ाएं?

  1. बहुत अच्छी जानकारियाँ हैं आपके ब्लाग पर्\ धन्यवाद।

  2. जब विश्राम की स्थिति न हो,तब दिमाग से कूड़े-कचरे को निकालकर भी प्राणऊर्जा बढ़ाई जा सकती है।

  3. आपका यह लेख काफी अच्छा है ।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

Follow

Get every new post delivered to your Inbox.

Join 499 other followers