मिखाइल नईमी द्वारा रचित पुस्तक ‘किताब-ए-मीरदाद’ अध्यात्म का सर्वोत्कृष्ट बीसवीं सदी की भाषा में लिखा ग्रन्थ है। ओशो ने एक बार कहा था कि किसी कारण वश सारे ग्रन्थ नष्ट हो जाए एवं यदि यह कृति शेष रहे तो सभ्यता फिर भी विकसित हो सकती है। चूकिं इस ग्रन्थ में सभी सत्यों का सार एवं जीवन का सार है। इसमें संस्कृति का उद्वार करने की कला एवं आत्म ज्ञान को प्राप्त करने की क्षमता है। यह एक ग्रन्थ नहीं बल्कि प्रकाश स्तम्भ है।
यह ग्रन्थ गीता,बाईबिल एवं कुरान के समकक्ष रखने योग्य है। इसमें आत्मिक उन्नति की विधि एक मठ की कथा की माध्यम से रखी हुई है। उक्त कृति में पहाड़ पर स्थापित पुराने मठ से जुड़ी कहानी है। प्रतिकात्मक भाषा में गूढ़ बातें इस पुस्तक मंे लिखी हुई है। साधक की दृष्टि को मजबूत कर उसकी राह के काँटे हटाती है। नकारात्मकता का सामना करने की समग्र विधि इसमंे है।
यह व्यवाहारिक पुस्तक नहीं है, संसार में रस जिनको आता हो उनके लिए यह नहीं हैै। जो संसार से थक गए है उनके लिए ज्योति प्रदायक है। जो नहीं कहा जा सकता है, उसे कहने में यह सक्षम है। परम सत्य को लेखक को कथा के रूप में बुनने में महारथ प्राप्त है। यह हमारे उपनिषदों की तरह है।
लेखक लिखता है कि हम जीने के लिए मर रहे है जबकि लेखक मरने के लिए जी रहा है। विचारणीय है कि जीने के लिए मरे या मरने के लिए जिए।
साथ ही इसमें लिखा है:
प्रेम ही प्रभु का विधान है।
तुम जीते हो ताकि तुम प्रेम करना सीख लो।
तुम प्रेम करते हो ताकि तुम जीना सीख लो।
मनुष्य को और कुछ सीखने की आवश्यकता नहीं।
और प्रेम करना क्या है, सिवाय इसके कि प्रेमी प्रियतम को
सदा के लिये अपने अन्दर लीन कर ले
ताकि दोनों एक हो जायें?
मिखाइल नईमी लेबनान के ईसाई परिवार में पैदा हुए, रुस में शिक्षा ग्रहण की एवं आगे की शिक्षा अमेरिका में। वहीं पर वे खलील जिब्रान से जुड़े एवं वहीं मातृभाषा अरबी की संस्कृति एवं साहित्य को नव जीवन प्रदान करने के लिए 1947 में द बुक आॅफ मीरदाद लिखी।
यह पुस्तक राधा स्वामी सत्संग व्यास, नई दिल्ली द्वारा हिन्दी में प्रकाशित है। वहाँ से इसे प्राप्त की जा सकती है। यदि अपनी तलाश है एवं बहुत से प्रयोग करने के कारण थक गए है तो यह पुस्तक आपको तेरा सकती है। तभी इसमें लिखा है कि जिनमें आत्म-विजय के लिए तड़प है उनके लिए यह आलोक-स्तम्भ और आश्रय है। बाकी सब इससे सावधान रहें।
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The Book of Mirdad(English text)


Posted by Rohit Kushwaha on जून 13, 2011 at 6:29 अपराह्न
Could you please provide me hindi ver. of Book Of Mirdad
Thanx
Rohit Kushwaha
Posted by Rohit Kushwaha on जून 13, 2011 at 6:31 अपराह्न
Mjhe is Kitab ko har haal me padhna hai hindi me.
Plz provide me the link for hindi ver.
Thanx
Posted by jayantijain on जून 13, 2011 at 8:37 अपराह्न
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Posted by arjun on सितम्बर 17, 2011 at 4:56 अपराह्न
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Posted by Deepak Maheshwari on अक्टूबर 20, 2011 at 11:04 पूर्वाह्न
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Posted by Ajab Banu on जुलाई 1, 2012 at 3:51 अपराह्न
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Posted by Vinay Shrivastava on सितम्बर 22, 2012 at 9:47 अपराह्न
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Posted by jayesh thakkar on अक्टूबर 5, 2012 at 4:33 अपराह्न
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Posted by sukh prem on दिसम्बर 6, 2012 at 1:33 अपराह्न
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Posted by manoj gupta on मार्च 18, 2013 at 2:57 अपराह्न
everybody asking for hindi version of book of mirdad…why dont you provide to all of them…..
Posted by jayantijain on मार्च 21, 2013 at 8:47 पूर्वाह्न
यह पुस्तक राधा स्वामी सत्संग व्यास, नई दिल्ली द्वारा हिन्दी में प्रकाशित है। वहाँ से इसे प्राप्त की जा सकती है।