पुस्तक समीक्षा
हाव-भाव से कैसे समझें दूसरों के मन की बातें

‘‘बाॅडी लैंग्वेज’’ एलन पीज की देह भाषा पर मौलिक रचना है। देह भाषा पर यह सबसे चर्चित कृति है। शब्दों से अधिक हम शारीरिक हाव भाव एवं मुद्राओं के द्वारा कहते है, जिसे अशाब्दिक संप्रेषण कहते है। शाब्दिक संप्रेषण की बहुत सीमा है।शब्दों से मात्र 7 प्रतिशत ही संप्रेषण होता है। शेष 35 प्रतिशत शब्दों के उच्चारण, टोन, एवं गति पर निर्भर है। विशेषज्ञों के अनुसार 65 प्रतिशत संप्रेषण शब्दों के पार होता है। दुसरों को समझने, साक्षात्कार में सफल होने, ग्राहक को समझने व प्रेेम संकेतों को पकड़ने के सूत्र इस कृति में सचित्र बताये हुए है। लेखक ने किस तरह जानें कि कोई झूठ बोल रहा है, किस तरह खुद को लोगों का चहेता बनायें, किस तरह दूसरों लोगों से सहयोग प्राप्त किया जाए, किस तरह साक्षात्कार ओैर व्यावसायिक चर्चाओं में सफलता प्राप्त की जाए, किस तरह अपने साथी को ढूंढ़ा जाए आदि विषयों पर देह के सकेतों का विस्तृत विश्लेषण बहुत बारीकी से सचित्र किया है। ़संवाद द्वारा समस्याओं पर विजय पाने में यह पुस्तक सहायक है। यह पुस्तक पाठक को अपनी साथी इन्सानों के साथ गहरी अन्तर दृष्टि विकसित करने एवं संवाद स्थापित करने में मदद करती है।
अशाब्दिक संप्रेषण आखिरकार एक जटील प्रक्रिया है जिसमें लोगों के साथ-साथ उनके शब्द, उनकी आवाज की टोन ओैर शरीर की गतिविधियाँ भी शामिल हैं। इसलिए यह पुस्तक पठनीय एवं उपयोगी है। हम अपनी बात करने में इतने व्यस्त हो जाते है कि श्रोता की देह भाषा पर ध्यान नहीं देते। यह पुस्तक बताती है कि श्रोता के शरीर की गतिविधियों को बारीकी से देखकर हम अपनी बात का प्रभाव समझ सकते है। इससे श्रोता के मन को समझने में मदद मिलती है। जब व्यक्ति झूठ बोल रहा हो तो मस्तिष्क अवचेतन रुप से धोखे के शब्दों को छुपाने की कोशिश में शरीर को आदेश देता है तो हाथ मुँह को ढंक लेता है। इस तरह अनेक उदारहणों द्वारा बताती है।
एलन पीज सिडनी, आॅस्ट्रेलिया में स्थित एक मैनेजमेंट कन्सल्टेन्सी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वे देह भाषा के विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञ है तथा दुनिया भर में देह भाषा की सेमिनार लेते है।
मंजूल पब्लिशिंग हाउस ने इसका हिन्दी अनुवाद छापा है। यह सार्थक अनुवाद है। डाॅ
सुधीर दीक्षित एक अनुभवी अनुवादक है।
Like this:
Like Loading...
Posted by jai kumar jha on मई 7, 2010 at 10:28 अपराह्न
उम्दा और उपयोगी जानकारी देती पोस्ट ….
Posted by सफलता पर एन्थनी राॅबिन्स की विश्व प्रसिद्ध कृति अवेकन द जाइन्ट विदिन « उठो! जागो! on सितम्बर 3, 2010 at 11:54 अपराह्न
[...] [...]
Posted by प्रसिद्ध लेखक कैसे बने- विश्व प्रसिद्ध विलियम जिन्सेर की कृति ‘‘आॅन राईटिंग वेल’’ « उठो! जागो! on दिसम्बर 17, 2010 at 10:11 पूर्वाह्न
[...] [...]