निर्णय क्षमता पर बहुत कुछ निर्भर है। हमारा समग्र जीवन निर्णयों पर आधारित है। आज हम जो कुछ भी हैं वह अपने निर्णय करने की योग्यता के परिणामस्वरुप ही हैं। हमारी उन्नति और अवनति हमारे द्वारा लिए गए निर्णयों पर ही निर्भर हैं।
व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय जीवन में आज जो असंतुलन दिखाई दे देता हैं, वह सब हमारे अनिर्णय, अधूरे निर्णय एवं गलत निर्णय के कारण है। यदि हमें उन्नति करनी हैं, शांतिपूर्ण तरीके से जीना है तो निर्णय करने की कला सीखनी पड़ेगी। तभी हम अपने जीवन में क्रांति ला सकते हैं।
सामान्यतःनिर्णय का आधार परिस्थितियां एवं समय होते हैं, लेकिन मूलतः व्यक्ति को फैसले करने के पूर्व अपने दिमाग व दिल से वार्तालाप करनी चाहिए। अपनी बुद्धि एवं अंतः कारण के आधार पर उचित निर्णय किए जा सकते हैं।
निर्णय करने में विचारों का बहुत महत्व है।
वस्तुस्थिति के यथार्थ ज्ञान के अभाव में समीचीन निर्णय नहीं किये जा सकते हैं।
अधिकांश गलत निर्णय भ्रमवश किए जाते हैं। निर्णय करने से हमें बुद्धिपूर्वक सभी पक्षों को समझना पड़ता है। इसके लिए उपाय अगली पोस्ट में दिया जा रहा हैं।
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Posted by dr.aalok dayaram on अप्रैल 8, 2010 at 8:10 पूर्वाह्न
“वस्तु स्थिति के यथार्थ ग्यान के अभाव जीवनोथान में समीचीन निर्णय नहीं लिये जा सकते हैं” जीवनोत्त्थान प्रेरक निर्णय उद्भूत करने के लिये ग्यान -बुद्धि के समन्वय की नितान्त आवश्यकता है। आपके लेख मानव जीवन को समुन्नत करने की प्रेरणा देने वाले होते हैं। आभार!
Posted by स्पेंसर जोंसन की निर्णय करने की विधि « उठो! जागो! on अप्रैल 10, 2010 at 10:49 पूर्वाह्न
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Posted by निर्णय क्षमता पर सफलता निर्भर है « उठो! जागो! on जून 18, 2010 at 10:34 अपराह्न
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