सफलता हेतु आत्मविश्वासअनिवार्य हैं
हम सब में कुछ खास बात है। आप सबमें किसी न किसी रूप मंे कोई न कोई विशेषता है।दूसरों से अच्छाई है।हम अद्वितीय है, अनुपम है, खास है।
यह दुर्भाग्य की बात है कि हम अपनी खास बात को स्पष्ट रूप से नही जानते है। हम अपने को वक्त नही देते है। स्वयं की अनदेखी करते है। स्वयं को भुल जाते है। अपने को महत्व नही देते, अपनी विशेषता नही खोजते है।
परमात्मा ने, प्र्रकृति ने, अस्तित्व ने आपको, हमको, सबको सकारण बनाया है। हम उसी की योजना के अनुसार हेै। वह व्यर्थ कुछ नहीं करता हैं। फिर हम बेकार के कैसे हो सकते है?
हम उसी विराट के अंश है, चाहे कितने ही छोटे हो ,इसलिए याद करें:
मैं जानता हूँ
- मैं जानता हूँ कि मैं एक विशिष्ट व्यक्ति हूँ। मेरे जैसा इस धरती पर कोई नहीं है, न ही मेरे जितनी क्षमता किसी में है।
- मैं अनुपम हूँ। मेरा जन्म एक विशेष लक्ष्य के लिए हुआ हैं
- मैं अपनी पूर्ण क्षमता का उपयोग लोगों की भलाई के लिए करूँगा। मुझे विलक्षण योग्यता का वरदान मिला है एवं सफलता प्राप्ति के गुणों से मेरा व्यक्तित्व परिपूर्ण है।
- मैं अपने व्यवहार द्वारा दूसरों को प्रभावित करता हूँ, इस प्रकार भावी पीढ़ी मुझ से प्रभावित होती है।
- वर्तमान सोच एवं भावनाओं पर मेरा पूर्ण नियन्त्रण है यही मेरे व्यवहार और मेरे प्रति दूसरांे की प्रतिक्रिया तय करता है।
- वास्तव में, अपने भविष्य के निर्माण और जीवन में अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इसी की जरूरत है।
मुझे स्वयं पर विश्वास है। मैं जानता हूँ कि मै महानता के योग्य हूँ। मुझ में हैं कुछ खास बात।


Posted by Sumit Singh on जनवरी 22, 2010 at 7:27 अपराह्न
Very encouraging and energetic article. Thank for making sparkling in my mind.
Posted by albela khatri on जनवरी 22, 2010 at 7:34 अपराह्न
waah ! waah !
bahut khoob……….
urjaa dene waali baat………
dhnyavaad !
Posted by jayantijain on जनवरी 22, 2010 at 7:38 अपराह्न
thanks to khatri sb and sumit ji
Posted by ankit sirya on जनवरी 25, 2010 at 4:32 अपराह्न
kuch such ese hote h jinhe hum jante h phir bhi samaj ni pate unme se ek y h
bahut khub likha h aapne
Posted by anandprashad on मार्च 8, 2010 at 8:07 अपराह्न
आत्म विश्वास तो शायद न बढे पर मित्र अहंकार अवश्य ही बढा लोगे
Posted by स्वस्थ होने में साझेदारीः आत्मचिकित्सक बनें « उठो! जागो! on अक्टूबर 20, 2010 at 7:22 अपराह्न
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Posted by rahul patel on दिसम्बर 21, 2011 at 1:44 अपराह्न
ye gyan ki batein batane k liye dhanyawad .
mai in baton ko apne jeevan me jaroor launga or mahan banne ka sankalp lunga